दीपावली पर बिहान बाजार बना आकर्षण का केंद्र, दीदियों के हुनर ने भरी उड़ान; 32 समूहों की 61 महिलाओं ने लगाए स्टॉल
बालोद, 05 नवंबर 2026। दीपावली पर्व पर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत आयोजित बिहान बाजार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत से तैयार किए गए आकर्षक एवं उपयोगी उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में जिला एवं विकासखंड स्तर पर इस बाजार का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में गुण्डरदेही विकासखंड में 04 एवं 05 नवंबर को दो दिवसीय बिहान बाजार लगाया गया। इसमें जिले के 32 स्व-सहायता समूहों की 61 महिलाओं ने भाग लेकर मिट्टी एवं गोबर के दीये, पर्यावरण अनुकूल मोमबत्तियां, सजावटी एवं पूजन सामग्री, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, हस्तशिल्प और घरेलू उपयोग के उत्पादों के स्टॉल लगाए।
लोकल फॉर वोकल को मिल रहा बढ़ावा
बिहान बाजार में महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को खरीदने के लिए नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस पहल से समूह की महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन के लिए बेहतर मंच मिल रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार विकासखंड बालोद सहित जिले के अन्य विकासखंडों में भी बिहान बाजार आयोजित किए जाएंगे।
रागनी साहू ने 75 हजार रुपये की आय अर्जित की
गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम सिरसिदा स्थित भारत माँ स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती रागनी साहू ने अपने हुनर से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दीपावली की मांग को देखते हुए गोबर एवं मिट्टी के आकर्षक दीये, कैंडल और आर्टिफिशियल ज्वेलरी सहित लगभग 18 हजार नग उत्पाद तैयार किए। इनके विक्रय से उन्होंने करीब 75 हजार रुपये की आय अर्जित की है।
जिले में बिहान समूहों की महिलाओं द्वारा अब तक लगभग 11 लाख रुपये मूल्य के दीये और विभिन्न पूजन सामग्रियों का विक्रय किया जा चुका है। वहीं बिहान बाजार के माध्यम से 25 लाख रुपये तक के उत्पादों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहित कर रही है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बिहान बाजार के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को अपनी रचनात्मकता और कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। महिलाएं अपने उत्पादों के जरिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। दीपावली के अवसर पर आयोजित यह बाजार ‘लोकल फॉर वोकल’ और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।


