जयसिंहनगर
इन दिनों जिले के समस्त आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से धान उपार्जन का कार्य चरम पर है मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए बड़ी संख्या में कृषक अपनी अपनी उपार्जन लेकर उपार्जन केन्द्रों की ओर कूच कर रहे हैं,कृषकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब उपार्जन केंद्र के प्रबंधकों के तेवर भी चरम सीमा पार है मामला है आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित आमझोर का जहा पर प्रबंधक एवम उनके सागिर्दो द्वारा किसानों से मुंह मांगी रकम की मांग की जा रही है जिन कृषकों द्वारा उपार्जन केंद्र के प्रभारी की मांग की पूर्ति नही की जाती उन्हें कई कई दिन उपार्जन केंद्र में ही प्रतिक्षा करना पड़ रहा है जबकि सरकार के नियमो के हिसाब से सिर्फ कृषक को अपनी उपार्जन लेकर उपार्जन केंद्र में आना है एवम संपूर्ण व्यवस्था उपार्जन केन्द्र द्वारा निःशुल्क कृषक को प्रदान किया जाएगा लेकिन उपार्जन केन्द्र में सारे नियमों को ताक में रख कर खुले आम वसूली की जा रही है ऐसा ही मामला था कृषक धन्नू साहू जो विगत 21/12/22 को अपनी धान उपार्जन केंद्र लेकर आया था लेकिन वारदाने की सिलाई के नाम पर कृषक से 250 रुपए की मांग की गई कृषक द्वारा राशि की पूर्ति न कर पाने के कारण 3 दिन तक उपार्जन केन्द्र में ही बैठना पड़ रहा है, समिति प्रबंधक द्वारा जब इस मामले के बारे में जानकारी लेनी चाही गई तो उन्होंने बताया कि बिजली कटौती के कारण किसान के वारदाने की सिलाई नही हो सकी जिससे किसान को प्रतीक्षा करना पड़ रहा है हालाकि वारदाने की सिलाई हो या न हो यह समिति की व्यवस्था है नियमो के मुताबिक किसान की उपज की तुलाईं करा कर किसान को उपार्जन की पावती देनी चाहिए थी लेकिन उपार्जन केन्द्र के प्रबंधक की मनमानी से आए दिन कृषक परेशान हो रहे हैं एवं तमाम समाचार पत्रों में उपार्जन केन्द्रों की मनमानी की खबरे प्रकाशित होने के बाद भी नागरिक आपूर्ति के अधिकारी एवं नवार्ड के जिम्मेदार कान में रुई डाल कर अन्नदाता के शोषण को मूकदर्शक के भांति देख रहे हैं जिससे अन्नदाता के मन में वर्तमान सरकार के प्रति मोहभंग हो रहा है|
इंडियन टीवी न्यूज के लिए शहडोल से ब्यूरो चीफ बीके तिवारी