जनपद फतेहपुर न्यूज़ ।।
दीपक मिश्रा रिपोर्ट, राम जी कैमरा मैंन के साथ इंडियन टीवी न्यूज चैनल
यमुना की कोख हो रही खाली नहीं है कोई देखने वाला माली
फतेहपुर। जनपद में असोथर थाना क्षेत्र में रामनगर कौहन मौरंग खदान 1 A में बडे पैमाने पर नियम विपरीत खनन जोरों पर किया जा रहा है पर जनपद के अन्य मौंरग कारोबार में जिस तरह से नियमबद्धता को लेकर प्रशासन हांथ पैर मारता है वैसा एनजीटी के नियमों को धता बता कर संचालित रामनगर कौहन खदान पर ध्यान न देना खासा चर्चा में है आखिर इस खदान पर खनन विभाग की नजरे इनायत् क्यो वैसे तो समय समय पर जिले भर में चोरी छिपे मनमानी ढंग से खनन देखा जाता रहा है पर जिलाधिकारी द्वारा ताबडतोड कार्यवाही के चलते अच्छे खासे राजस्व का अर्जन सरकार को हुआ वहीं मौंरग ब्यवसाय की मनमानी भी रोकी जा सकी पर असोथर के रामनगर कौहन में संचालित खदान में जिलेभर में खनिज विभाग द्वारा दिखाई गयी तेजी का असर उक्त में देखने को इस सत्र मे कभी नहीं मिली । लोगों का मानना है यदि कभी कभार विभाग ने इस ओर रूख भी किया तो महज रश्मादायगी मात्र के लिए । दिन में लोकेशन व तक्का की मदद से ओवर लोड मौंरग वाहनो का संचालन होता रहता है वहीं रात में बेतहाशा बेखौफ ओवरलोड मौंरग वाहन निकालते कभी भी देखे जा सकते हैं । अन्य जिले की अन्य खदानों पर प्रशासन की नकेल को रामनगर कौहन खदान संचालकों ने अवसर के रूप में लिया , बढती वाहनो की आवक् से रेट भी बढाये वहीं मिट्टी गिट्टी मिश्रित मौंरग भी बेंच ली । जानकर बताते हैं खदान से राष्ट्रीय राजमार्ग की दूरी लगभग पच्चीस किलोमीटर मे होने के साथ में ही आरओबी व गढ्ढा मुक्त सडक का लाभ भी संचालन को सरल बनाता है वहीं बडे ही आसानी से थरियांव से ही किसी तरह की प्रशासनिक कार्यवाही पर नजर भी रखी जाती है । यही कारण है कि प्रयागरा प्रतापगढ़ जौनपुर आजमगढ क्षेत्र के मौंरग ट्रांसपोर्टर का रूख बीते माह से इस ओर हुआ है ।बीते मंगलवार को चुनावों को लेकर ब्लाक मुख्यालय आरहे एसडीएम सदर की जानकारी पर खदान संचालकों द्वारा छापेमारी की आशंका पर आनन फानन में मशीनों को हटाया गया वहीं सैकडों की तादाद में ओवरलोड ट्रैक्टरों को कंशापुर , बोधवापुर व जरौली गांव की गलियों में छिपाया गया यदि खदान नियमानुसार संचालित की जारही है तो उक्त तैयारियों की क्या आवश्यकता है। सम्बंधित विभाग के जवाबदेह अधिकारियों से मोबाइल पर जानकारी का प्रयास किया गया पर कॉल रिसीव नहीं की जा सकी।
