ईडी ने अवैधखनन घोटाले में पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल की 4,400 करोड़ की संपत्ति जब्त की, जिससे बाबू सिंह कुशवाह की जांच की संभावना है। एनआरएचएम, चीनी मिल और खनन घोटाले में इकबाल, कुशवाह और जैन बंधुओं के बीच संबंध पाए गए। ED का दावा है कि कुशवाहा के खनन मंत्री रहते इकबाल ने अवैध खनन से अरबों रुपये जुटाए थे।
इकबाल केस में बाबू सिंह कुशवाहा पर भी कसेगा ईडी का शिकंजा!
पूर्व विधायक मोहम्मद इकबाल की 4,400 करोड़ की संपत्तियों का अटैचमेंट
इकबाल ने कुशवाहा के मंत्री काल में अवैध खनन से करीब 600 करोड़ रुपये जुटाए
इकबाल ने मोटी कमाई जुटाने के बाद कुशवाहा से भी किनारा कर लिया था
लखनऊः पहले शुगर मिल घोटाले में मार्च 2021 में 1097 करोड़ और अब अवैध खनन घोटाले में पूर्व MLC मोहम्मद इकबाल की 4,400 करोड़ की संपत्तियों का अटैचमेंट। इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा है इकबाल के बहाने ED जल्द हाल में सपा के टिकट पर जौनपुर से सांसद बने बाबू सिंह कुशवाहा को भी घेर सकती है। ED की जांच में यह सामने आया है कि जिस दौरान कुशवाहा BSP सरकार में खनन मंत्री थे, उसी दौरान इकबाल की पांच फर्मों को सहारनपुर और उसके आसपास खनन का काम मिला था। इसके अलावा NRHM, शुगर मिल और खनन घोटाले में इकबाल और कुशवाहा के बीच कड़ियां जुड़ रही हैं।
ED की जांच में यह बात भी सामने आई है कि इकबाल ने साल 2010, 11 व 12 में ही अवैध खनन से करीब 600 करोड़ रुपये जुटाए। चूंकि कुशवाहा ने ही इकबाल की एंट्री बीएसपी में करवाई थी। कुशवाहा के करीबी जैन बंधु इकबाल के साथ अवैध खनन के धंधे में लगे थे। कुशवाहा ने ही इकबाल को MLC भी बनवाया था। इकबाल साल 2010 से 2016 तक बीएसपी के MLC रहे। बीएसपी सरकार में हुए शुगर मिल घोटाले की भी अहम कड़ी इकबाल इस मामले में भी ED और CBI के केस में नामजद है। इकबाल के ठिकानों पर दोनों एजेंसियां छापेमारी कर चुकी हैं।
ठिकाने लगाई अरबों की काली कमाई
ED के सूत्रों की मानें तो इकबाल ने दिल्ली में करीब 150 शेल कंपनियों और शेयर मार्केट के जरिए अरबों की काली कमाई सफेद करने के लिए लगाई। एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि ज्यादातर कंपनियों के डायरेक्टर नौकर, खानसामा और ड्राइवर थे। करीब 84 कंपनियों के पते भी फर्जी निकले।
फलों की दुकान से अरबों की संपत्ति तक
बीएसपी सरकार में शामिल होने से पहले मोहम्मद इकबाल का लकड़ी का टॉल और फलों की दुकान हुआ करती थी। देखते ही देखते साल 2010 से 2016 के बीच उसने अरबों का साम्राज्य खड़ा कर दिया। इकबाल की आलीशान ग्लोकल यूनिवर्सिटी करीब 700 एकड़ में फैली है। भले बाबू सिंह कुशवाहा के जरिए इकबाल की बीएसपी में एंट्री हुई हो, लेकिन देखते ही देखते इकबाल ने सरकार में अपनी अलग जगह बना ली थी। सूत्रों के मुताबिक मोटी कमाई जुटाने के बाद इकबाल ने कुशवाहा से भी किनारा कर लिया था। कुशवाहा के खिलाफ तत्कालीन बीएसपी सरकार के आखिरी समय में जो कार्रवाई हुई थी, उसके पीछे भी इकबाल की अहम भूमिका बताई जाती है।