7 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर देशभर में बप्पा की स्थापना हुई थी. इस दिन से दस दिवसीय गणेश उत्सव शुरू होता. अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) के दिन बप्पा को विदाई दी जाती है,गणपति मूर्ति (ganpati) का विसर्जन होता है. हालांकि लोग मान्यता अनुसार गणेश विसर्जन डेढ़, तीन, पांच या सांतवें दिन भी करते हैं.
ऐसे में पंचांग के अनुसार 5वें या 7वें दिन गणेश जी का विसर्जन मुहूर्त किया जाना चाहिए, क्योंकि जिस तरह गणपति स्थापना मुहूर्त में की जाती है उसी तरह विसर्जन भी शुभ समय देखकर ही करना चाहिए, इससे बप्पा की पूजा का संपूर्ण फल मिलता है. शुभ कार्य संपन्न होता है.”
गणेश उत्सव के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर विराजे भगवान गणेश की प्रतिमाओं को पूर्ण विधि.विधान के साथ विसर्जित कराने के लिए विसर्जन घाटों पर व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। सभी व्यवस्थाओं को विसर्जन समाप्ति तक निरंतर सुनिश्चित कराने के लिए क्षेत्रधिकारी श्री संजय कुमार रेड्डी ने अपने7 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर देशभर में बप्पा की स्थापना हुई थी. इस दिन से दस दिवसीय गणेश उत्सव शुरू होता. अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) के दिन बप्पा को विदाई दी जाती है,गणपति मूर्ति (ganpati) का विसर्जन होता है. हालांकि लोग मान्यता अनुसार गणेश विसर्जन डेढ़, तीन, पांच या सांतवें दिन भी करते हैं.
ऐसे में पंचांग के अनुसार 5वें या 7वें दिन गणेश जी का विसर्जन मुहूर्त किया जाना चाहिए, क्योंकि जिस तरह गणपति स्थापना मुहूर्त में की जाती है उसी तरह विसर्जन भी शुभ समय देखकर ही करना चाहिए, इससे बप्पा की पूजा का संपूर्ण फल मिलता है. शुभ कार्य संपन्न होता है.”
गणेश उत्सव के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर विराजे भगवान गणेश की प्रतिमाओं को पूर्ण विधि.विधान के साथ विसर्जित कराने के लिए विसर्जन घाटों पर व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। सभी व्यवस्थाओं को विसर्जन समाप्ति तक निरंतर सुनिश्चित कराने के लिए क्षेत्रधिकारी श्री संजय कुमार रेड्डी ने अपने संभाली है को तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्री दिलीप सिंह को सहायक अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है। जिला देवरिया रिपोर्टर घनश्याम मणि त्रिपाठी