आयोजन के दौरान लकड़ी के तखत पर भगवान जगन्नाथ , बलदाऊ और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं को विराजित कर कांसे की परात में मंत्रोच्चार के बीच उन्हें बैठाकर नर्मदा जल से 51 लीटर दूध, पंचामृत से स्नान कराया गया ।


तथा भगवान जगन्नाथ को नए वस्त्र पहनाए गए । तत्पश्चात महाआरती की गई, कई वर्षों से चला आ रहा है कि भगवान जगन्नाथ स्नान के बाद अक्सर बीमार हो जाते हैं और उन्हें अन्य कक्ष में विराजमान किया जाता है। और आषाढ़ शुक्ल पक्ष के दूज को भगवान स्वस्थ होते हैं और फिर रथयात्रा निकलती है । कई वर्षों से मंदिर से जुड़ी समाजसेविका श्रद्धा वर्मा ने बताया कि जगदीश मंदिर 700 साल पुराना है। यह प्रतिवर्ष जगन्नाथ महास्नान महोत्सव मनाया जाता है स्नान के बाद भगवान बीमार हो जाते हैं। जिनका उपचार 18 दिन तक आयुर्वेदिक पद्धति से किया जाता है, पर इस बार अमावस्या के कारण 18 की जगह 19 दिन तक उपचार किया जाएगा तत्पश्चात भगवान स्वस्थ होंगे और भगवान के स्वस्थ होने के बाद शहर में बड़े ही हर्षोल्लास धूमधाम से रथयात्रा निकाली जाती है ।
होशंगाबाद इंडियन tv न्यूज़ चैनल से
ब्यूरो चीफ वीरेन्द्र सिंह चौहान












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