वाराणसी बीएचयू के चिकित्सकों ने फिर कमाल किया है। सर्जरी के बाद बच्ची अब पूरी तरह से स्वस्थ है। अब महामना कैंसर संस्थान में उसकी कीमोथेरेपी चलेगी।
बच्ची का इलाज महामना कैंसर अस्पताल में डेढ़ महीने से चल रहा था। उसके शरीर में ट्यूमर गुर्दे से लेकर हृदय तक फैल चुका था। महामना कैंसर अस्पताल में ट्यूमर को फैलने से रोकने के लिए कीमोथेरेपी दी जा रही थी। बाद में बच्ची की सर्जरी के लिए उसे बीएचयू के कार्डियोथोरेसिक विभाग में रेफर किया गया।
प्रो. सिद्धार्थ लखोटिया और बाल सर्जरी विभाग के प्रो. वैभव पांडेय के नेतृत्व में मार्च के अंत में बच्ची की सर्जरी की गई। प्रो. वैभव पांडेय ने बताया कि रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. ईशान के सहयोग से क्लिनिको-रेडियोलॉजिकल मूल्यांकन और डॉ. प्रतिभा राय की टीम ने हृदय में ट्यूमर के विस्तार का विश्लेषण किया। टीम में डॉ. आरबी सिंह और डॉ. संजीव की टीम ने भी सहयोग किया।
*निजी अस्पताल में 25 लाख खर्च, बीएचयू में केवल 60 हजार में सर्जरी*
प्रो. वैभव पांडेय ने बताया कि बच्ची की उम्र, बीमारी की गंभीरता और विशेष उपकरणों (जैसे छोटे आकार के इंस्ट्रूमेंट्स और बाईपास कैथेटर) के कारण इस सर्जरी में किसी निजी अस्पताल में कम से कम 25 लाख तक का खर्च होता।
बीएचयू में इस सर्जरी पर 60 हजार रुपये खर्च हुए। दो चरण में हुई सर्जरी में पहले चरण में प्रो. वैभव पांडेय, डॉ. रुचिरा, डॉ. सेठ, डॉ. भानुमूर्ति, डॉ. मनीष और डॉ. राघव ने ट्यूमर को पेट के पास से हटाया। इसके बाद प्रो. सिद्धार्थ लखोटिया और उनकी टीम ने कार्डियक बाइपास के तहत हृदय खोलकर राइट एट्रियम से ट्यूमर को हटाया।
यह प्रक्रिया बीटिंग हार्ट पर की गई और ट्रांस-ईसोफेगल ईको से गाइड की गई। इसे डॉ. संजीव की टीम ने संभाला।
रिपोर्टर
शिव बहादुर यादव
जनपद जौनपुर से