जिला सिवनी लोकसभा सीट से पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक चुनाव जीतने के बाद भी कभी नही ली जनता की सुध “श्रीमती नीता पटेरिया”

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जिला-सिवनी ब्यूरो चीफ
अनिल दिनेशवर
@ महंगाई डायन खाए जात है यह गीत कॉंग्रेस शासन में खूब सुर्खी में था और बीजेपी ने भी खूब भुनाया था
जिला सिवनी लोकसभा सीट से पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक श्रीमती नीता पटेरिया जी भारतीय जनता पार्टी से चुनाव जीतते रही हैं किंतु जीतने के बाद जिले की जनता की सुध

(पूर्व सांसद आईकार्ड पहने हुए ????)

भी नही लीं उनके दर्शन दिल्ली में ज्यादा और जिला सिवनी में कम दिखाई देते थे जिले के विकास में उन्होंने अपनी रुचि व भूमिका को सही तरीके से भुनाने में कोई रोल अदा नही किया
अभी हाल ही में पूर्व सासंद-विधायक श्रीमती नीता पटेरिया जी जनता के जनाक्रोश वाली बैलगाड़ी रैली में महंगाई के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए दिखाई दीं जो भारतीय जनता पार्टी प्रशासित मध्यप्रदेश राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है
ये पद के लोभी जनप्रतिनिधि जब पद पर होते हैं तो जनता की आवाज बनकर जमीन पर काम करने की वजह दिल्ली मुंबई उड़ते फिरते हैं जब पार्टी से दरकिनार कर दिए जाते हैं तो फिर स्वयं की जमीन तलाशने का काम जनता को फिर उल्लू बनाने में घर से निकल कर बाहर जनता के बीच आने लगते हैं ऐसा ही कुछ वर्तमान में छपारा नगर पंचायत में देखने को मिल रहा है कभी एक जमाना था जब पूर्व सांसद-विधायक श्रीमती नीता पटेरिया डॉक्टर हरिप्रसाद पटेरिया जी के घर तक ही सीमित थी जब छपारा नगर की जनता ने सर आंखों पर बिठाकर राजनीति में चमकने का सौभाग्य दिया तो उन्होंने छपारा की भोलीभाली जनता का क्या कभी सुध लिया छपारा नगर की जनता का हमेशा से सपना रहा कि गोटेगांव से रामटेक बड़ी रेल लाइन बने ताकि रोजी रोजगार एवं जिले की जनता सीधे दिल्ली,गुजरात,महाराष्ट्र जैसे बड़े औधोगिक महानगरों से जुड़कर तीव्र विकास कर सकें चूंकि जिला सिवनी के छपारा नगर से 13 किलोमीटर भीमगढ़ ग्राम है जहां पर एशिया प्रसिद्ध मिट्टी का बांध है जो विश्व पर्यटन बन सकता है किंतु नेता जब पदों पर आसीन हो जाते हैं तब सब स्थानीय मुद्दे भूल जाते हैं और फिर जनहित के सारे काम उनके चुनावी लॉलीपॉप बन जाते हैं
वर्तमान में देश की जनता पर महंगाई की मार लगातार पड़ रही है और जनमाहोल महंगाई से त्राहिमाम हो रही है दिनोदिन महंगाई बढ़ते ही चली जा रही है लेकिन जनता का दर्द कोई समझ नही पा रहा है लोग सायकिल और बैलगाड़ी चलाने पर मजबूर हैं अब बिजली कटौती व बढ़ते बिलों से भी जनता दो चार हाथ हो रही है
सिवनी जिले की जनता रोजी रोटी के लिए गुजरात,महाराष्ट्र,राजस्थान, दिल्ली जैसे नगरों में जाते हैं लेकिन जिले के जनप्रतिनिधि किसी भी पार्टी से जीतें परन्तु इस सिवनी जिले की चारो विधानसभाओ में उधोगों को लगवाने पर जोर नही करते हैं जनता को अब सम्हल जाना चाहिए और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों के लिए संगठित भूमिका का परिचय देते हुए जनप्रतिनिधियों को सही सबक सिखाना चाहिए ताकि उन्हें शर्म महसूस तो हो और वे उस बात को स्वीकार करें जिन विकास के मुद्दे से वे जीतकर पदों पर पहुँचते हैं

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