अंडा फैक्टरी में वरिष्ठ पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या, कंपनी का ताला लगाकर फरार हुआ दंपती

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विद्या शंकर ठाकुर ,ब्यूरो चीफ, सुपौल बिहार, इंडियन टीवी न्यूज़

 

 अंडा फैक्टरी में वरिष्ठ पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या, कंपनी का ताला लगाकर फरार हुआ दंपती

 

 

 सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के राधानगर में एक अंडा फैक्टरी में वरिष्ठ पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप फैक्टरी में काम करने वाले एक दंपती पर लगा है।

 

 

विस्तार 

सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के राधानगर में एक अंडा फैक्टरी में वरिष्ठ पत्रकार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप फैक्टी में काम करने वाले एक दंपती पर लगा है। घटना के बाद से दोनों फरार बताए जा रहे है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

 

 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को अररिया जिले के नरपतगंज निवासी अंडा कारोबारी राधानगर स्थित फैक्टरी पर पहुंचा था। पुलिस ने बताया कि उन्हें  अंडा लेने थे। लेकिन फैक्टरी का ताला लगा हुआ था और कंपनी के कार्यालय के बाहर खून के निशान थे। सीढी से चढ़कर अंडा कारोबारी ने देखा तो अंदर वरिष्ठ पत्रकार महाशंकर पाठक की लाश पड़ी थी। जहां हत्या की घंटना को अंजाम दिया गया, यह अंडा फैक्टरी महाशंकर पाठक की थी। उनकी खून से लथपथ लाश कार्यालय के अंदर जमीन पर पड़ी थी।

 

घटना की सूचना मिलने पर आस-पास  के लोगों की मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उन्हें उपचार के लिए राघोपुर रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उनकी हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने दूसरे अस्पताल के लिए  रेफर कर दिया लेकिन नेपाल के विराटनगर जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। 

 

ढाई माह पहले ही काम करने के लिए आया था दंपती,

 

उनपर लाठी डंडों से हमला किया गया है। घटना के बाद से ही फैक्टरी में काम करने वाला दंपती फरार बताया जा रहा है। दोनों मजदूर दंपती को ढाई माह पहले की फैक्टरी में काम पर रखा गया था। बताया गया है कि दंपती और मृतक की अंडा चोरी को लेकर कहासुनी हो गई थी। फरार दंपती का मोबाइल फोन भी बंद जा रहा है। हत्या का शक दंपती पर जताया ज रहा है।  

 

पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

 

महाशंकर पाठक एक वरिष्ठ पत्रकार और प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। वह आर्यवर्त, सौभाग्य मिथिला, राष्ट्रीय प्रसंग पत्रिका आदि में कार्य कर चुके थे। साथ ही उनके द्वारा लिखित कई रचनाएं प्रकाशित हो चुकी है। घटना के बाद से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। वहीं, दूर-दूर से परिवार को सांत्वना देने के लिए लोग पहुंच रहे है।

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