जिले में 20 जून 2025 को सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित महाअभियान में दो प्रमुख गतिविधियां संचालित की जाएंगी। पहली गतिविधि सोख पिट निर्माण की होगी, जिसके अंतर्गत जिले के सभी नागरिक अपने घरों, आंगन, बाड़ी, कोठार या अन्य उपयुक्त खुले स्थान पर 3Û3 फीट आकार का सोख पिट बनाएंगे। यह कार्य स्वेच्छा से एक घंटे का श्रमदान कर किया जाएगा। इस दिन सोख पिट का निर्माण जनसहयोग से किया जाएगा। दूसरी महत्वपूर्ण गतिविधि जल संरक्षण की शपथ की होगी, जिसमें नागरिकों को जल के महत्व के प्रति जागरूक कर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि वे घर का पानी घर में और गांव का पानी गांव में ही रोकेंगे।
सोख पीठ (सोखता गड्ढा) से भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में होगा ऐतिहासिक कदम
सोख पिट की प्रभावशीलता को लेकर बताया गया कि एक सोख पिट वर्षाकाल में 2,000 से 3,500 लीटर तक वर्षा जल को अवशोषित करने में सक्षम होता है। इस प्रकार जिलेभर में सोख पिटों के निर्माण से 20 हजार लाख लीटर से लेकर 30 हजार 500 लाख लीटर तक पानी को जमीन में रिसाया जा सकता है, जो जिले के भूजल स्तर को सुधारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।