उरई(जालौन):
जनपद में 25 गांवों के लिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन कार्यशाला का हुआ आयोजन :
स्थानीय स्तर पर कचरा प्रबंधन को लेकर उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम:
जिले के 25 चयनित गांवों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को जिला पंचायत राज कार्यालय में किया गया।डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या को जड़ से समाप्त करना और जागरूकता बढ़ाना था। कार्यशाला में सहायक विकास अधिकारी, पंचायत सचिवों और संबंधित गांवों के ग्राम प्रधानों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी रोहित त्रिपाठी ने किया,जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्यरत हैं। कार्यशाला में प्लास्टिक कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, पुनर्चक्रण, गांव स्तर पर कचरा संग्रहण केंद्रों की स्थापना और सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण की व्यवस्था, समुदाय को अभियान से जोड़ने के तरीके और जुर्माना व्यवस्था जैसे व्यावहारिक समाधानों पर विचार हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और गांवों में कचरा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों और सफल प्रयासों पर प्रकाश डाला। रोहित त्रिपाठी ने कहा कि, “सतत कचरा प्रबंधन की शुरुआत गांवों से होनी चाहिए। जब लोग खुद जिम्मेदारी लेंगे, तभी बदलाव संभव होगा।कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने गांवों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को प्रभावी ढंग से लागू करने और इसे जनांदोलन बनाने का संकल्प लिया। यह पहल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। कार्यक्रम में विकास तिवारी, शशिकांत, अभिषेक तीसरे, राहुल,आयुष शर्मा, राजू प्रधान, हरिकिशोर बाबू प्रधान प्रतिनिधि सतोह, सोनू शिवहरे प्रधान प्रतिनिधि खकसीस, अनिल पांचाल प्रधान कुकरगाँव, जयदीप उर्फ़ दीपू गौतम प्रधान जगम्मनपुर, वसीम खान ग्राम विकास अधिकारी, पूनम राजपूत ग्राम विकास अधिकारी, शिल्पी राजपूत ग्राम विकास अधिकारी, मोहित त्राहिया ग्राम विकास अधिकारी, सूरजभान पटेल ग्राम विकास अधिकारी, सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश