जिला पंचायत कार्यालय में शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब टेंडर प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगों ने कार्यालय में घुसकर हंगामा कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, टेंडर पेटी में निविदाएं जमा की जा रही थीं, तभी लगभग 4:50 बजे महेश तिवारी निवासी कबरई और अंकित शुक्ला निवासी विकास भवन के पास महोबा अपने कुछ समर्थकों के साथ परिसर में दाखिल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उक्त व्यक्तियों ने टेंडर पेटी में पानी डालने की बात कही, जिसका वहां मौजूद सरकारी कर्मचारी ने विरोध किया। विरोध करने पर कर्मचारी को कथित रूप से धक्का देकर हटाया गया और मौके पर मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष जय प्रकाश अनुरागी के लिए अभद्र भाषा और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
वही घटना के समय जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी कक्ष में मौजूद जिला पंचायत सदस्य मृत्युंजय प्रताप अहिरवार ने बाहर आकर विरोध जताया तो उन्हें भी जातिगत गालियां दी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी । घटना के बाद दोनों पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को लिखित तहरीर सौंप कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अध्यक्ष द्वारा घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया है। इस पूरे प्रकरण ने जिला पंचायत कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, डराने/धमकाने, गाली गलौच और एससी/एसटी एक्ट सहित सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए। वहीं आरोपियों की पुलिस तलाश में जुड़ गई जबकि मुकदमा पंजीकृत होते ही आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।