इंडियन टीवी न्यूज़ से ब्यूरो चीफ मयंक यादव की रिपोर्ट
आपको बता दें, कई महीनो से कुंभ करनी नींद सो रहे प्रशासन की नींद कोटद्वार से नजीबाबाद नेशनल हाईवे पर एक बड़ी पुलिया टूटने से जागी।
जबकि कई समाचार पत्रों में कोटद्वार से नजीबाबाद में प्रवेश हो रहे “ओवरलोड डंपरों से हो रही नेशनल हाईवे की सड़कें क्षतिग्रस्त” की खबरें प्रकाशित हुई थी, लेकिन प्रशासन ने इस और ध्यान देना उचित नहीं समझा, जिसका परिणाम यह निकला की नजीबाबाद कोटद्वार मार्ग पर एक पुलिया ओवरलोड वाहन के कारण धंस जाने से सड़क के दोनों और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।बच्चे और बूढ़े कई किलोमीटर की यात्रा पैदल करते हुए देखे गए तथा राहगीर पानी को लेकर इधर-उधर भटकते रहे। कई घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी के माध्यम से मिट्टी डालकर वाहनों का संचालन शुरू कराया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर कंक्रीट डालने वाले, एवं स्टोन क्रेशरो पर रेड बजरी से भरे ओवरलोड डंपरों की लापरवाही से भी जाम खुलवाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार रविवार को जाफरा और कौड़ियां के बीच ठेकेदार की ओर से एक पुलिया बनाई जा रही थी जिसमें पानी निकासी को लेकर पाइप दबाया गया था जिसमें हल्के और कमजोर पाइप का इस्तेमाल किया गया था जो वाहनों के चलते धंस गया जिससे वाहनों का संचालन बंद हो जाने से हाईवे के दोनों और वाहनों की कई किलोमीटर तक लंबी-लंबी कतारे लग गई। सुबह करीब 10 बजे से बंद हुआ नेशनल हाईवे दोपहर 2 बजे के बाद शुरू हुआ। 4 घंटे बाद किसी तरह जेसीबी मशीन को बुलाकर वाहनों का संचालन शुरू कराया गया लेकिन फिर भी वाहन सड़क में धंसते हुए देखे गए। अगर प्रशासन पहले ही ओवरलोड डंपरों पर प्रतिबंध लगा देता तो इस प्रकार की स्थिति से जनता को सामना न करना पड़ता