ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन,
पूरा विश्व पर्यावरण संरक्षण के महत्व को लेकर बड़ा चिंतित है प्रदूषण कि समस्या ने पुरे पर्यावरण को प्रदूषित कर डाला है जिसमे आज आम आदमी का जीवन खतरे में दिखाई देने लगा है इस समस्या को लेकर पुरे देश में हर वर्ष पांच जून पुरे विश्व में पर्यावरण तथा उसके संरक्ष्ण पर विशेष आयोजन भी किये जाते रहे जगह -जगह सरकारी तथा गेर सरकारी संस्थाओं ने पर्यावण बचाव पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कराते रहीं हैं मनुष्य को आज सबसे बड़ा खतरा प्रदूषण से है उसके प्रयोग में आने वाला समूचा जल भंडार उसके सांस लेने के लिए वायु अन्न पैदा करने वाली पृथ्वी ओर जहां तक कि अंतरिक्ष का सारा विस्तार भी मानव ने स्वंय दूषित कर दिया है मनुष्य ने अपने ऐस ओर आराम कि खातिर प्राकृतिक साधनों का पूर्णयता दोहन करना चाहा है यही कारण है कि आज प्रदूषण कि समस्या विकराल रूप में आ खड़ी है आज के इस उधोयोगिकर्ण कि इस अंधी दौड़ में पूरा विश्व का कोई भी देश पीछे नही रहना चाहता विलास के साधनों का उत्पादन खूब बदाया जा रहा है पृथ्वी कि साडी सम्पदा को उसके गर्भ से उलीच कर भार लाया जा रहा है अब वह भी दिन दूर नही है जब हम सृष्टि कि सारी प्राकृतिक सम्पदाओं से हाथ धो चुके होंगे इससे कड़ी यह होगी कि धरती के बिच का सारा खनिज तेल तथा धातुएं गेसों के रूप में वायु मंडल में प्रवेश कर पृथ्वी पर रहने वाले प्राणियों का जीना ही मुश्किल कर देगी दिन रात चल रहे कारखानों का करोड़ों अरबों गेलन गंदा पानी नदियों तथा समुद्र में आ रहा है जहरीली गेसीय वायु मंडल से प्रवेश कर आने वाली वर्षा भी जहरीली [विषेली] बन जाती है अधोगों से निकला धुंआ के बादल उगलने वाली मीलों का रासायनिक कचरा पानी के माध्यम के द्वारा सीधे तौर हमारे शरीर में प्रवेश हो रहा है आज के इस युग में उधोगों द्वारा छोडे गए विषेले तत्व हमारे अनाजों व् खाधान पदार्थों द्वारा हमारे रक्त में अनेक असाध्य रोग पैदा कर रहा है आज अनेकों उधोगों दिन प्रति दिन करोड़ों लीटर दूषित पानी नदियों में बहाते रहते हैं तथा हजारों तन हानिकारक गेसों वायुमंडल में छोड़ते हैं परिणाम हम देख ही रहें हैं केंसर जेसे रोग बड गए हैं कई प्रकार के ह्र्दय अब तो यह रोग छोटे -छोटे बच्चों में भी होने लगा है इसके अतिरिक्त आज कई प्रकार के नए- नए रोग पैदा हो रहा हैं आज के इस युग में जंगलों कई अंधाधुंध कटाई से प्रदूषण कई समस्या ओर भी विकराल हो गई है हमारे जीवन में पेड़ पोधे बहुत महत्व रखते हैं यह हमारे जीवन के संगी साथी हैं यह पेड़ पौधे विषेले गेसों को अपने में पच्चा कर हमे लाभप्रद गेसें प्रदान करते हैं वन हमारे जीवन के लिए वरदान है हम आज थोड़े समय के लाभ के लिए हम इस वरदान को अभिशाप में बदल रहें हैं जबकि वायु मंडल कई विषेली हानिकारक गेस कणों यह पेड़ पोधे चूसते हैं आज के विश्व में व्यापक रूप से पनपने वाले नए -नए उधोंगों ने इन पेड़ों का जीवन भी खतरे में डाल दिया है आज खेतीवाडी को आसान करने के लिए मशीनरी का प्रयोग हो रहा है उससे भी पर्यावरण का प्रदूषण बड रहा है अधिक उपज लेने के लिए प्रति वर्ष लाखों टन कीटनाशक दवाइयों रोग निरोधक ओषधियों का प्रयोग किया जा रहा है रासायनिक खादों का प्रयोग भी दिनों -दिन बड चुका है इससे मानव ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उपज तो बडाई परन्तु इस बढ़ती उपज के लिए विश्व मानवता को जो मौल चुकाना पड़ रहा है इससे काफी लोग परिचित भी हमारे रहने सहेंने बनावटी पन्न पैदा कर दिया है इस उधोगिक्कर्ण ने हमारे खाने पिने को भी प्रदूषित कर डाला है आज पुरे विश्व कई जनता को यह जान लेना होगा कई प्रदूषण केवल हवा पानी ओर खाध पदार्थों में ही नही हुआ है बल्कि आज तो वातावरण में प्रकाश ओर ध्वनि का भी प्रदूषण हो रहा है लगातार बढ़ रहे कंक्रीट के बंगले अब यह प्रदूषण चरम सीमा तक पंहुच गया है इससे बचने के लिए यदि मनुष्य ने प्राकृतिक संतुलन नही बनाया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे पर्यावरण प्रेमियों का मान इसका मात्र उपाए यह है की मनुष्य ओर प्रकृति के बीच संतुलन कायम होना चाहिए वनों जंगलों में अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएँ इसके लिए मनुष्य को ठेहराने के कानून बनाएँ जाएँ ताकि इस प्रदूषण की विकराल समस्या से निपटा जा सके मनुष्य को अपने जीवन शैली को बदलना होगा तभी इस समस्या को कुछ हद तक कम कर पायेंगे