नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो हजारीबाग।
जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रो जावेद आलम का इतिहास विभाग में व्याख्यान
हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हज़ारीबाग के स्नात्तकोत्तर इतिहास विभाग के राधाकृष्णन सभागार में शनिवार को विभागाध्यक्ष डॉ हितेंद्र अनुपम कि अध्यक्षता में “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के कुछ आंच हुए पहलू: वीरेंद्रनाथ चट्टोपाध्याय एवं एम एन राय के विचार” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमे मुख्य वक्ता जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रो जावेद आलम ने विषय के सूक्ष्म एवं सभी पहलूओ पर विस्तारपूर्वक चर्चा की | वीरेंद्र नाथ चट्टोपाध्याय एवं एम. एन. रॉय ने अपने देश से अंग्रेजो को हटाने के लिए धन तथा हथियार का प्रबंध करने के लिए तमाम प्रयास किये, जिसके लिए अनेक विदेशी आंदोलनो में भाग लिया | डॉ आलम ने श्रोतो के हवाले से बताया की वीरेंद्र नाथ चट्टोपाध्याय का गाँधी एवं नेहरू के साथ भी अच्छा सम्बन्ध था |
डॉ० जावेद आलम ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एन. बी. डी. आचार्य एवं शहजानंद सरस्वती आदि के पुस्तकों का जिक्र भी किया। इन्होने बिहार और झारखण्ड का क्रन्तिकारी आंदोलनो यथा अनुशिलन समिति, एच. एस. आर. ए. इत्यादि में योगदान की चर्चा भी की |
प्रश्नोत्तर कल में स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने वीरेंद्र नाथ चट्टोपाध्याय एवं एम. एन. रॉय के बिच मतभेद के कारणों को स्पष्ट किया|
इस अवसर पर इतिहास विभाग के डॉ अशोक कुमार मण्डल, डॉ विकास कुमार, डॉ बंशीधर रूखेयार, डॉ मुकेश कुमार, भूगोल विभाग के डॉ सरोज सिंह आदि उपस्थित थे। इतिहास विभाग के सभी शोधार्थी सन्नी मेहता, भागवत राम, सुमित कुमार, पुरुषोत्तम द्विवेदी, माधुरी, जय कुमार, रीता कुमारी, नवनीत कुमार दांगी, शाहजहाँ प्रवीण, प्रियंका भगत एवं पीएचडी कोर्स वर्क 2024 के विद्यार्थी शायमा रफीक, रवि नाग, मोनी कुमारी एवं समसत्र द्वितीय तथा चतुर्थ के विद्यार्थी उपस्थित थे | धन्यवाद ज्ञापन डॉ हितेंद्र अनुपम एवं मंच संचालन भैरव यादव द्वारा किया गया |