यमुना नदी कीं भीषण बाढ से राजपुर तहसील के कयी गाँवों का संपर्क तहसील और मुख्यालय चित्रकूट से टूटा
जनपद चित्रकूट के राजापुर तहसील में यमुना नदी के भयंकर बाढ़ आने से कई गांव प्रभावित हो गए आपको बता दें कि गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर तहसील के तिरहार क्षेत्र के नैनी गुरगौला चिल्ली कनकोटा सहित कई गांव के संपर्क तहसील और जिला मुख्यालय से टूट चुके हैं एक तरफ शासन प्रशासन मुस्तैदी के साथ गांव में किसी प्रकार की जन धन की हानि ना हो इसके लिए तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रशासन सतर्क है वहीं दूसरी ओर यमुना के किनारे बसे गांव के लोग लकड़ियों के लालच में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं यमुना में छोटी लकड़ी से लेकर बड़े-बड़े पेड़ यमुना की बाढ़ में बहते हुए निकलते हैं जिससे नदी किनारे बसे गांव में मछुआरों के साथ-साथ अन्य परिवार के लोग भी अपने परिवार बच्चों सहित लकड़ियां इकट्ठा करने में दिलचस्पी ले रहे हैं यमुना के किनारे बाढ़ की मजा ले रहे युवकों ने बताया कि 2 दिन के अंदर लगभग 50 ठेला लकड़िया गांव वालों ने इकट्ठा कर ली है आश्चर्य की बात तो यह है कि इन लकड़ियों को पकड़ने के लिए माता पिता भयंकर बाढ़ में अपने अपने बच्चों की जान जोखिम में डालकर लकड़िया इकट्ठा करवा रहे हैं यह छोटे-छोटे बच्चे लकड़ियों को देखकर तुरंत यमुना में कूद कर लकड़ियों के पीछे लग जाते हैं इन बच्चों की निडरता को देख कर हैरानी होती है इस समय जिले में यमुना और पयस्वनी नदी उफान पर हैं हरियाणा के बांध का पानी छोड़ने के कारण यमुना नदी 2 दिन से लगातार बढ़ रही है यमुना दिल्ली से प्रयागराज तक में कितनों को घर से बेघर कर दिया है वही प्रयागराज में यमुना नदी का पानी पहुंचने से गंगा नदी में भी भयंकर बाढ़ बताई जा रही है एक और जहां किसानों को भारी वर्षा से खुशी है वहीं दूसरी ओर नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों में भाई भी व्याप्त है संजय मिश्रा बुंदेलखंड प्रभारी इंडियन टीवी न्यूज़ चित्रकूट उत्तर प्रदेश