झांसी, मऊरानीपुर –
रिपोर्टर नाम – जितेंद्र कुमार
विकास के दावों के बीच, मऊरानीपुर में एक सड़क की दुर्दशा ने स्थानीय प्रशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर के अंजनि माता मंदिर के समीप श्मशान घाट को जाने वाला यह मार्ग, आज अपनी बदहाली की दास्तान स्वयं कह रहा है।
वायरल हो रही तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि यह कच्चा रास्ता बारिश के पानी और कीचड़ के सैलाब में डूबा हुआ है। सड़क पर गहरे गड्ढे और कीचड़ के ढेर बन गए हैं, जिससे यह मार्ग आवागमन के लिए पूरी तरह से दुर्गम हो गया है। ऐसा प्रतीत होता है मानो यह कोई सड़क नहीं, बल्कि एक दलदल हो।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग केवल श्मशान घाट तक जाने का एकमात्र रास्ता है। ऐसे में, किसी भी शव यात्रा को इस दलदल से होकर गुजरना पड़ता है, जो न केवल बेहद कष्टप्रद है बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति भी घोर उपेक्षा को दर्शाता है। यह स्थिति न केवल जीवित लोगों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि अंतिम संस्कार के लिए जा रहे लोगों के सम्मान को भी ठेस पहुंचा रही है।
बारिश का मौसम शुरू होते ही यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर जमा गंदा पानी और कीचड़ कई तरह की बीमारियों को भी न्योता दे रहा है। नागरिकों ने कई बार इस समस्या को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
यह दयनीय स्थिति उस क्षेत्र के विकास पर एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है, जहां आज भी एक मूलभूत सुविधा के लिए तरसना पड़ रहा है। क्या श्मशान घाट को जाने वाले रास्ते का महत्व केवल अंतिम यात्रा तक ही सीमित है? इस सवाल का जवाब शायद स्थानीय प्रशासन के पास भी नहीं है। यह आवश्यक है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दें और इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण को प्राथमिकता दें, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।