खिलाडी रूचिनुसार खेल का चयन कर जूनून और उत्साह के साथ खेलें- कलेक्टर
संवादाता विकाश विश्वकर्मा शहडोल
एक अच्छा कोच ही अच्छे खिलाड़ी तैयार कर सकता है- डॉ. केदार सिंह
कलेक्टर ने 24 युवा कोचों को वितरित किया प्रमाण पत्र
छह दिवसीय डी-लाइसेंस फुटबॉल प्रशिक्षण सम्पन्न
जिले में फुटबाल खेल के प्रति युवाओं में अधिक रूचि ली जा रही है। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम विचारपुर में हर परिवार से युवा नियमित रूप से फुटबाल की प्रैक्टिस करते हैं। फुटबाल खेल को बढ़ावा देने के लिए रिलायंस सीबीएम प्रोजेक्ट द्वारा खिलाड़ियों को कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में रिलायंस सीबीएम प्रोजेक्ट शहडोल द्वारा आयोजित छह दिवसीय एआईएफएफ डी-लाइसेंस फुटबॉल प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोंधित करते हुए कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कहा कि हर खेल का अपना महत्व है, कोई भी खेल छोटा या बड़ा नही है, खिलाड़ियो को रूचि के अनुसार खेल का चयन कर जनून और उत्साह के साथ खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहडोल के विचारपुर के खिलाड़ियो द्वारा फुटबाल खेल के प्रति जूनून सराहनीय है, यहां के छोटे छोटे बच्चे फुटबाल का खेल खेलते है और वर्तमान में ग्राम विचारपुर मिनी ब्राजील के नाम से अपना पहचान बनाया है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा कोच ही अच्छे खिलाड़ी बना सकता है। शहडोल में फुटबॉल के लिए अनुकूल माहौल और उत्साह हैं, यहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलेंगे जो राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर शहडोल जिले का नाम रोशन करेंगे।
सी.एस.आर. हेड राजीव श्रीवास्तव ने शहडोल जिले विशेषकर आदिवासी समुदाय के युवाओं में उनकी शारीरिक क्षमता के अनुरूप फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। रिलायंस फाउंडेशन द्वारा यूथ स्पोर्ट्स और एआईएफएफ के सहयोग से प्रशिक्षित कोच तैयार कर प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रशिक्षक शिवा कुमार वरदराज, रिलायंस सीबीएम लाइजन हेड श्री बिजित झा, राजेश वर्मा सहित फुटबाल कोचो ने भी अपने-अपने विचार साझा किया।
कार्यक्रम में सहायक संचालक खेल (एन आई एस) फुटबॉल कोच, रईस अहमद ने बताया कि यह प्रशिक्षण 15 से 20 जुलाई 2025 तक रिलायंस क्लब हाउस एवं विचारपुर खेल मैदान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ग्रासरूट्स फुटबॉल कोच के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें इस योग्य बनाना है कि वे जिले की नई पीढ़ी को आधुनिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण देकर फुटबॉल में ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले 24 युवा कोचों को प्रमाण पत्र वितरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शमीम द्वारा किया गया।