शाहपुर ब्लॉक के स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं गायब
न पानी न शौचालय, ग्रामीण बोले- नहीं सुधरे हालात तो करेंगे कलेक्टर कार्यालय घेराव
राजेंद्र प्रसाद यादव रिपोर्टर
बैतुल शाहपुर ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन 15 अगस्त तक सुधार का दिया अल्टीमेटम
शाहपुर विकासखंड के स्कूलों में बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। शौचालय जर्जर या बंद हैं, पीने के पानी का इंतजाम नहीं, और बच्चियों को खुले में शौच के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस हालात को देखकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दे डाली कि अगर स्वतंत्रता दिवस से पहले सुधार नहीं हुआ, तो कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।
शाहपुर ब्लॉक के ढप्पा, टेमरा, हाथीकुंड, रामपुर, शीतलझिरी और खोखरा समेत कई गांवों के सरकारी स्कूलों में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। स्कूलों में या तो शौचालय बने ही नहीं हैं, और जहां हैं, वहां ताले लटक रहे हैं या फिर अंदर गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
– न मोटर चल रही है, न हैंडपंप
स्कूलों में लगे हैंडपंपों में मोटर तो डाली गई थीं, लेकिन वे भी बंद पड़ी हैं। न मोटर चल रही है, न हैंडपंप। इससे बच्चों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा। बच्चियों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई जा रही है। इस गंभीर स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने कमलेश यादव, पिंटू वरकड़े, देवचंद यादव, अविनाश भलावी, धनराज इवने और सरपंच नवलसिंह धुर्वे के नेतृत्व में एकजुट होकर एसडीएम शाहपुर को ज्ञापन सौंपा।
– खंडवा की घटना को लेकर जताई चिंता
कमलेश यादव ने बताया कि हाल ही में खंडवा जिले में स्कूल में शौचालय नहीं होने के कारण एक बच्ची खुले में गई थी और उसके साथ दुष्कर्म जैसी घटना घट गई। इसी से सबक लेकर उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर 15 अगस्त से पहले स्कूलों में शौचालय चालू नहीं किए गए और पेयजल की सुविधा बहाल नहीं हुई, तो वे सभी ग्रामीण मिलकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।ज्ञापन सौंपे जाने के बाद एसडीएम शाहपुर ने ग्रामीणों को शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि 15 अगस्त से पहले हालात बदलते हैं या ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।