सहारनपुर
खबर विशेष सूत्रों से
महापोर् डाक्टर अजय सिंह व्यक्तिगत तोर पर शानदार इंसान है लेकिन सलाहकार मंडली उनको भटका रही है ऐसा पर्तित होता है
भाजपा नगर पर्भारि को भृस्टाचार के अनेको मामलों पर कार्यवाही न होने की शिकायत की गयी है जिसकी प्रति संगठन और सम्बन्धित मंत्री को भेजे जाने की सूचना प्राप्त हो रही है इससे यह साबित होता है की भृस्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही को विवश होना पड़ेगा महापोर् को
सहारनपुर नगर निगम में भाजपा के अंदरूनी संघर्ष: एक नया मोड़
सहारनपुर नगर निगम में भाजपा के अंदरूनी संघर्ष ने एक नए मोड़ पर पहुंच गया है, जिसमें पार्षद दिग्विजय चौहान को बलि का बकरा बना दिया गया है। महापौर डॉ. अजय सिंह और नगर अध्यक्ष शीतल बिश्नोई गोयल के बीच संगठन के वर्चस्व की जंग चल रही है, जिसमें संगठन का साथ मुकेश गख्खड़ को मिल रहा है।
पार्टी के अंदरूनी संघर्ष के कारण
– वर्चस्व की जंग: महापौर और साथी पार्षद भाजपा संगठन के बीच वर्चस्व की जंग चल रही है, जो पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकती है। महापौर ने संगठन के आदेशों की अनदेखी की है, जिससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद उजागर हो रहे हैं।
– संगठन के आदेशों की अनदेखी महापौर ने संगठन के आदेशों की अनदेखी की है, जिससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद उजागर हो रहे हैं। इससे पार्टी की एकता और समन्वय को खतरा हो सकता है।
पार्टी के लिए आगे की चुनौतियाँ
– एकता और समन्वय: पार्टी को अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एकता और समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता है।
-संगठन के आदेशों का पालन पार्टी को अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन के आदेशों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।
नियम और अधिनियम
नगर निगम अधिनियम 1959 के अनुसार, नगर निगम के कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए महापौर और पार्षदों को मिलकर काम करना होता है। लेकिन वर्तमान में, महापौर और पार्षदों के बीच मतभेदों के कारण पार्टी की एकता और समन्वय को खतरा हो सकता है।
भाजपा संगठन की गाइडलाइन
भाजपा संगठन की गाइडलाइन के अनुसार, पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन के आदेशों का पालन करना होता है। लेकिन वर्तमान में, महापौर ने संगठन के आदेशों की अनदेखी की है, जिससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद उजागर हो रहे हैं।
नगर निगम में विवाद
नगर निगम में पार्षद टिंकू अरोड़ा को संरक्षण देकर विधायक राजीव गुंबर के विरुद्ध जहरिली भाषा को उगलवाने का आरोप लगाया गया है, जिससे पार्टी के वोटर के मन पर प्रभाव पड़ रहा है। इसे संगठन ने गंभीरता से लिया है और प्रदेश संगठन और नगर प्रभारी को अवगत करा दिया गया है।
मेला चेयरमैन को लेकर विरोध
मेला चेयरमैन को लेकर भी विरोध के स्वर उठ गए हैं। पार्षदों का कहना है कि नीरज शर्मा को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन चेयरमैन वे खुद चुनेंगे। इससे पार्टी में और अधिक तनाव बढ़ सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे चलकर पार्टी के अंदरूनी संघर्ष का समाधान कैसे निकाला जाता है और क्या पार्टी के अंदरूनी मतभेदों का समाधान हो पाता है और क्या पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एकता और समन्वय बनाए रखने में सफल होती है या नहीं। इरशाद मुंडन
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़