राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम की कार्रवाई एक बार फिर विवादों में घिरती नजर आ रही है। आरोप है कि निगम का अतिक्रमण दस्ता छोटे दुकानदारों, सब्जी विक्रेताओं और फुटपाथ पर अपनी रोज़ी-रोटी कमाने वाले गरीब तबके को निशाना बना रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन लोगों का जीवन पूरी तरह इन छोटे व्यवसायों पर निर्भर है, उनके सामने आज रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के की जा रही इस कार्रवाई से कई परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
वहीं दूसरी ओर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि ट्रैफिक जाम की असली वजह ट्रांसपोर्ट नगर और भारी वाहनों की आवाजाही है, जिसे आज तक व्यवस्थित या शिफ्ट नहीं किया गया। इसके बावजूद कार्रवाई का केंद्र केवल गरीब और छोटे व्यापारी ही बन रहे हैं।
इस पूरे मामले में अब नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लोगों की मांग है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निष्पक्ष और संतुलित होनी चाहिए, साथ ही प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
फिलहाल, देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या आने वाले समय में इस कार्रवाई में संतुलन और संवेदनशीलता देखने को मिलेगी।