जिला ब्यूरो चीफ जावेद अली टीकमगढ़
रास्ता दलदल में तब्दील, नागरिक पगडंडी के सहारे आस्था का कर रहे सफर
पलेरा।। नगर में प्रसिद्ध देवी शीतला माता मंदिर से एक किलोमीटर के लगभग की दूरी पर स्थित प्राचीन भांवरी माता स्थल तक पहुंचाने के लिए सड़क नहीं है। विगत कई वर्षों से आस्था और विश्वास को लेकर नगर के सैकड़ो श्रद्धालुओं का पगडंडी के सहारे आना-जाना बना हुआ हैं। लेकिन बारिश में यही पगडंडी दलदल में बदल जाती है। इससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। आषाढ़ माह में आषाढ़ी पूजन एवं चैत्र नवरात्रि के समय में श्रद्धालुओं एवं महिलाओं को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। कई श्रद्धालु अनहोनी के डर के कारण कीचड़ से भरे हुए रास्ते के चलते प्राचीन भांवरी माता स्थल तक नहीं पहुंच पाते है। नगर के वहीद खान, दुर्गा चौरसिया ने बताया कि भांवरी माता स्थल के रास्ते में कई किसानों के खेत भी पड़ते हैं। सड़क निर्माण न होने के कारण वर्तमान बारिश के समय में किसानो की बैलगाड़ी, ट्रैक्टर यहां तक कि साइकिल से चलना भी दूभर है। अब सवाल उठता है कि नगर विकास को लेकर व्यवस्थाओं में सुधार के दावे करने वाले यहां कीचड़ से भरे हुए रास्ते को लेकर श्रद्धालुओं के हालात से अंजान बने हुए है। पिछले कई वर्षों से नगर के नागरिक नगर परिषद से यहां सड़क निर्माण कराए जाने की मांग कर रहे हैं। नागरिकों के द्वारा कई बार जनप्रतिनिधियों और विभाग को बताया गया। लेकिन इस समस्या का कोई हल नहीं निकला। कीचड़ से सनी पगडंडी पर कई श्रद्धालु गिरते-पड़ते प्राचीन देवी स्थल भांवरी माता तक पहुंच पाते हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि वर्तमान समय नगर परिषद के द्वारा कई गैरजरूरी कामों पर पैसा खर्च हो रहा है। लेकिन नगर में बीते वर्षों से चली आ रही परंपरा को लेकर जरूरी सड़क निर्माण का कार्य जानबूझकर नहीं कराया जा रहा है। हालात ऐसे ही रहे तो नगर के श्रद्धालु एवं महिलाएं सड़क निर्माण की मांग को लेकर सड़कों पर उतर सकते हैं।