नरेश सोनी
इंडियन टीवी न्यूज
ब्यूरो चीफ हजारीबाग।
हाथी का कोहराम ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
हजारीबाग : दारू प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुनाइ क्षेत्र में एक झुंड से बिछड़ा जंगली हाथी लगातार एक सप्ताह से तबाही मचा रहा है। हाथी के उत्पात से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। खासकर बसरिया, पुनाइ और लोहड़ीकला गांव के लोग हर शाम 7 बजे के बाद अपने घरों में सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथी ने खेत, बाग-बगिचा, घरों की दीवारें और सिंचाई उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
ग्राम बसरिया के लालदेव महतो के अनुसार, सब्जी के पौधे और बाउंड्री को तोड़ते हुए हाथी ने लगभग ₹50,000 का नुकसान किया है।
लखन प्रसाद कुशवाहा का कहना है कि हाथी ने केले के पेड़, साग-सब्जी, साल भर का अनाज और 5 कट्ठा बारी में लगे मक्कई की फसल के साथ दरवाजे व दीवार को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे उन्हें करीब ₹65,000 का नुकसान हुआ है।
पुनाइ के उप मुखिया की पत्नी कौशल्या देवी के पति विजय कुमार का सोलर सिंचाई सिस्टम पूरी तरह से तोड़ दिया गया, जिससे ₹1 लाख का नुकसान हुआ है।
लोहड़ी के नरेश महतो के अनुसार, हाथी ने मक्कई की फसल और करीब 30 पिट बाउंड्री को तहस-नहस कर दिया। उनका कहना है कि पिछले साल भी उनके खेत की दीवार तोड़ी गई थी, लेकिन आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला।
प्रमोद देव का सिंचाई के लिए लगा मोटर, घर का दरवाजा और दीवार भी हाथी ने तोड़ दी।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वन विभाग को कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोग रात-रात भर छतों पर सोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए न तो पर्याप्त प्रयास किए गए और न ही मुआवजे की कोई प्रक्रिया शुरू की गई।
ग्रामीणों की मांग है:
वन विभाग के कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए।
हाथी को जल्द से जल्द आबादी वाले क्षेत्रों से दूर ले जाया जाए।
सभी पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
ग्रामीण प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इससे पहले कि किसी की जान जाए, इस संकट का समाधान किया जाए।