बाड़ी, खाद बीज से लेकर किसानों को मिलने वाले यंत्र वितरण प्रणाली, पर सवाल उठ रहे हैं, शासन की योजना क्या गांव तक भेजी जा रही है क्या गांव में ग्राम सेवक सेवा दे रहा है या सब कुछ कागजों पर संचालित हो रहा है।
किसने की योजना पर प्रचार प्रसार के नाम पर कागजों के सफेद हाथी दौड़ रहे हैं, बाड़ी, एवं बरेली क्षेत्र में कितनी दुकान जो कृषि केंद्र के रूप में ग्राहक सेवा दे रही है कितनी दुकान शासन नियम के अनुसार संचालित है और कितनी विस्तार अधिकारी की कृपा से संचालित हो रही है।
सवाल यह है क्या गुणवत्ता के आधार पर दवाइयां का वितरण किया जा रहा है, या घटिया स्थल की सामग्री दुकानों पर बिक रही है बड़े स्तर पर कृषि सेवा केंद्र खाद बीज मनमर्जी के रेट पर बेच रहे गुणवत्तापूर्ण दवाइयां नहीं दी जा रही है बगैर लाइसेंस की दुकानें संचालित हो रही है जबकि नियम अनुसार वरिष्ठ कृषि विस्तार कार्यालय में, शासन नियम अनुसार संपूर्ण प्रक्रिया का पालन करने के उपरांत लाइसेंस दिया जाता है क्या जिन लोगों को लाइसेंस दिया गया उनकी जांच पड़ताल की गई
क्या समय सीमा निकालने के बाद उन दुकानदारों पर कार्यवाही की गई कितनी शिकायतों के बाद दुकानदारों पर कार्रवाई न होना और नियम विरुद्ध मनमर्जी से रेट निर्धारित करना यहां की परंपरा बन गई है वर्ष 2024 में किसी विस्तार कार्यालय में कितने आवेदन दुकान आवंटन भीम के तहत प्राप्त हुए कितने आवेदन 2025 में प्राप्त हुए 2010 से 2023 तक कितने दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए गए कितनो पर कार्यवाही की गई किन-किन अधिकारियों ने निरीक्षण किया कितनी दुकानें संचालित है जो नियम अनुसार है और कितनी दुकान अधिकारियों की सेवा शुल्क के आधार पर संचालित हो रही है सवाल यह भी है की कृषि यंत्र जिन किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं उनकी सूची का मूल्यांकन करने वाले अधिकारियों की सत्यापन रिपोर्ट का भौतिक सत्यापन कराया जाए तो बड़े स्तर पर गोलमाल का मामला सामने आएगा, कृषि विस्तार अधिकारी ग्राम सेवक गांव में नहीं रहती शासन की योजना के प्रचार के नाम पर सफेद हाथी दोहराए जा रहे हैं कृषि विस्तार कार्यालय में दुकानदारों की आवाजाही इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्र में संचालित दुकानदार वितरण केंद्र नियम अनुसार नहीं है यहां पर सेवा शुल्क के आधार पर दुकानों का संचालन किया जा रहा है बताया जाता है कि मासिक सेवा शुल्क के नाम पर अधिकारी और कर्मचारी भारी भरकम धनराशि कमा रहे सवाल यह भी उठना है कि कितने लाइसेंस दिए गए कितने दुकानदार नियम अनुसार है जिनकी सूची विभाग के कार्यालय में मौजूद नहीं है यह सवाल भी उठना है की वर्ष 2015 से वर्ष 2025 तक ग्राहक सेवा केंद्र के नाम से प्राप्त आवेदन कितने प्राप्त हुए कितने जांच पड़ताल के बाद निरस्त किए गए और कितने दुकानदारों को लाइसेंस दिए गए जो जांच का विषय बना हुआ है इधर कृषि विस्तार अधिकारी कार्यालय में स्टाक पजी वितरण पंजी अधिकारी निरीक्षण की जांच की जांच की जाए तो बड़ा खेल सामने आएगा।