VBU में छात्र हित में बड़ा बदलाव: डिग्री स्टेटस अब ऑनलाइन, अनावश्यक भाग-दौड़ खत्म; IUCAA के प्रो. साहा का व्याख्यान भी आयोजित
कुलपति प्रो. चन्द्र भूषण शर्मा ने दुर्गापूजा से पूर्व दिए आश्वासन को किया पूरा; छात्रों को अब घर बैठे मिलेगी डिग्री प्रिंट की जानकारी
हजारीबाग संवाददाता:15 अक्टूबर 2025
विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) ने छात्र हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब विद्यार्थियों को डिग्री प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद विश्वविद्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। कुलपति प्रो. चन्द्र भूषण शर्मा के निर्देश पर आज से डिग्री प्रिंट के स्टेटस की जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है।
अनावश्यक भाग-दौड़ पर लगेगी रोक:
विश्वविद्यालय के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन किए जाने के बाद भी विद्यार्थियों को डिग्री की स्थिति का अपडेट नहीं मिल पा रहा था। दूरदराज के विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से विश्वविद्यालय परिसर आना पड़ता था।
कुलपति प्रो. शर्मा ने दुर्गापूजा अवकाश से पूर्व ही छात्रों को इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, जिसे पूरा करते हुए आज यह नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।
कुलपति प्रो. शर्मा ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि, “परीक्षा से उपाधि दिए जाने की प्रक्रिया को इतना सहज और सरल बनाया जाएगा कि किसी भी विद्यार्थी को वि.वि. परिसर में अनावश्यक आने की जरूरत नहीं होगी।” इस व्यवस्था के लागू होने पर कई विद्यार्थियों ने कुलपति के प्रति आभार व्यक्त किया।
VBU में ब्रह्मांड की खोज पर विशेष व्याख्यान, IUCAA पुणे के प्रो. साहा हुए शामिल
इसी क्रम में, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आज इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (IUCAA), पुणे के प्रोफेसर (डॉ.) कनक साहा का एक आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किया गया।
“एक्सोप्लैनेट्स से लेकर उच्च रेडशिफ्ट आकाशगंगाओं तक ब्रह्मांड की खोज” विषय पर आयोजित इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम में एम.एससी. गणित एवं भौतिकी के छात्र-छात्राओं सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रो. साहा ने अपने शोध रुचियों, जिनका केंद्र आकाशगंगाओं की गतिकी और विकास है, के बारे में बताया।
उन्होंने मिल्की वे (Milky Way) के डायनेमिकल मॉडलिंग के अध्ययन पर प्रकाश डाला, जिसमें डार्क मैटर के वितरण को समझने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने आईयूसीएए, पुणे के उद्देश्यों और सुविधाओं की जानकारी दी, जो शोधकर्ताओं के लिए वित्तीय सहायता, पुस्तकालय और कंप्यूटिंग सुविधाओं के माध्यम से खगोलभौतिकी में शिक्षण और शोध को बढ़ावा देता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि का पौधा भेंट कर स्वागत करने से हुआ। गणित विभागाध्यक्ष डॉ. गोविंद कुमार झा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी शिवेश्वती और डॉ. नवीन चंद्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. पंकज मांझी के आभार ज्ञापन के साथ हुआ। यह व्याख्यान विद्यार्थियों में ब्रह्मांड के प्रति जिज्ञासा को और प्रबल करने वाला साबित हुआ।