आराधना पटनायक, अतिरिक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने की आकांक्षी जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा
हजारीबाग संवाददाता : भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आराधना पटनायक ने बुधवार को जिले के आकांक्षी प्रखंड कटकमदाग का दौरा किया और आकांक्षी जिला कार्यक्रम की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कटकमदाग में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण:पटनायक ने कटकमदाग स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पसई का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने ओपीडी, टीकाकरण और NCD स्क्रीनिंग जैसी सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने जन आरोग्य समिति के सदस्यों और सहियाओं के साथ बैठक की। इस अवसर पर पाँच आयुष्मान कार्ड, पाँच आभा कार्ड, छह टीबी मरीजों को फूड बास्केट और बारह फाइलेरिया लाभार्थियों को फाइलेरिया किट वितरित किए गए।
उन्होंने 100 दिवसीय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी के लिए चिन्हित व्यक्तियों का शत-प्रतिशत एक्स-रे और खांसी वाले रोगियों का Net Test 31 दिसंबर 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, कुसुंभा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सुल्ताना का भी निरीक्षण किया और सुविधाओं में सुधार के लिए निर्देश दिए।
आकांक्षी जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा बैठक: समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह सहित जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। पटनायक ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से सभी महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा की और राष्ट्रीय एवं राज्य औसत की तुलना में जिले की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
महत्वपूर्ण निर्देश:
स्वास्थ्य डिजिटलीकरण: सभी पीएचसी और एचएससी केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़कर स्वास्थ्य विभाग को पूर्णतः डिजिटल और पेपरलेस बनाने का निर्देश दिया गया।
कुपोषण एवं टीबी: कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु एमटीसी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग को टीबी ड्रॉपआउट मरीजों की नियमित ट्रैकिंग और कॉलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
लक्ष्य निर्धारण: राज्य औसत से नीचे के सूचकांकों को ऊपर लाने और राज्य औसत से ऊपर वाले सूचकांकों को राष्ट्रीय औसत से ऊपर ले जाने के लिए सभी इंडिकेटरों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए।
कन्वर्जेंस: स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि और आधारभूत संरचना के सर्वांगीण विकास के लिए विभागों के बीच समन्वय (कन्वर्जेंस) प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया गया।
कैंसर ट्रीटमेंट: सदर अस्पताल में कैंसर ट्रीटमेंट शुरू करने हेतु स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया।
नोडल पदाधिकारी पटनायक ने सभी विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करते हुए आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत जिले के विकास सूचकांकों में सुधार लाने पर जोर दिया।
बैठक में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, उपविकास आयुक्त इस्तियाक अहमद, प्रशिक्षु आईएएस, जिला योजना पदाधिकारी सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।