ब्यूरो चीफ मनोज भट्ट
जिला बस्तर छत्तीसगढ़
सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण अभियान: बीजापुर में 120 + नक्सलियो का सरेंडर, बस्तर आईजी सुंदरराज के नेतृत्व में लाल आतंक का ग्रैंड सफाया
बस्तर संभाग जिला बीजापुर, 16 अक्टूबर 2025 छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता हासिल हुई है। दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी डीकेएसजेडसी (दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी) के प्रवक्ता रूपेश के नेतृत्व में 120 से अधिक नक्सलियों ने हिंसा त्यागकर आत्मसमर्पण का निर्णय लिया है। यह घटना भैरमगढ़ ब्लॉक के इंद्रावती नदी के पार उसपरी घाट पर हुई, जहां माओवादी संगठन के सदस्य एकत्रित होकर सरेंडर की तैयारी में जुटे। भूपाती ग्रुप के सभी सदस्य भी इस अभियान में शामिल हो चुके हैं, जो नक्सली संगठन को गहरा आघात पहुंचा रहा है।
पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है। हेलीकॉप्टर एवं ड्रोन निगरानी और भारी फोर्स तैनाती के बीच आत्मसमर्पण प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। हथियारों समेत सभी नक्सलियों को जगदलपुर ले जाया जा रहा है, जहां औपचारिक समर्पण के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की नई आत्मसमर्पण नीति के तहत पुनर्वास मिलेगा। इस नीति में 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि, कौशल प्रशिक्षण, भूमि आवंटन और सुरक्षा गारंटी शामिल है।
यह आत्मसमर्पण महाराष्ट्र, अंतागढ़ और सुकमा के बाद बीजापुर में लाल आतंक के सफाए का नया अध्याय है। बस्तर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुंदरराज पी का कुशल नेतृत्व इस सफलता का प्रमुख कारण है। उनके निर्देशन में नक्सलियों की कमर तोड़ने का सार्थक प्रयास आज ग्रैंड स्तर पर फलीभूत हो गया। सुंदरराज ने छत्तीसगढ़ की आत्मसमर्पण नीति को देश की सर्वोच्च बताते हुए नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने का बार-बार आवाहन किया था। इस बड़े समर्पण को वे सरकार की नई नीति के प्रभाव का प्रमाण मानते हैं, जो आर्थिक प्रोत्साहन और पूर्ण पुनर्वास से नक्सलियों के मनोबल को तोड़ रही है।
सुंदरराज ने कहा, “यह नीति न केवल गोलीबारी पर जोर देती है, बल्कि आत्मसमर्पण और विकास के माध्यम से शांति स्थापित करती है। बस्तर को नक्सल-मुक्त बनाने का लक्ष्य 31 दिसंबर तक पूरा होगा।” वर्ष 2025 में बस्तर में 1,000 से अधिक नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, जबकि सैकड़ों गिरफ्तार या मुठभेड़ में ढेर हो चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसकी सराहना करते हुए सुंदरराज की टीम को बधाई दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, अब केवल तीन जिले बचे हैं जहां नक्सली सक्रिय हैं।
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नक्सल-मुक्त भारत’ संकल्प को मजबूत कर रहा है, जिससे बस्तर क्षेत्र में शांति, विकास और समृद्धि की नई इबारत लिखी जा रही