राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। दीपावली का त्यौहार रोशनी और खुशियों का त्योहार है और यह अपने साथ लोगों के लिए समृद्धि के साथ नए अवसरों को लेकर आता है।कुछ ऐसा ही संयोग बना है,कटनी जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाओं के साथ,जिनके हाथों के हुनर से निर्मित मिट्टी का दीया,पूजन सामग्री,बाती, भगवान की पोशाक , रंगों से सजी भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मिट्टी की मूर्तियां, सजावटी सामानों से बाजार में बूम आया है। जिला प्रशासन से मिलीं मदद की वजह से स्व-सहायता समूह शहरी और ग्रामीण स्तर पर दीपावली से जुड़े सामान बेचकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम कर रही हैं।मध्य प्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले के दर्जनों स्व-सहायता समूह दीपावली से संबंधित उत्पादों का कटनी, बरही,कैमोर एवं बिलहरी के बाजार सहित स्थानीय और अपने निकटवर्ती बाजारों में स्वदेशी उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं।इन समूहों में अनमोल स्व-सहायता समूह विलायतकला, गोल्डन स्व-सहायता समूह बिलहरी, लक्ष्मी स्व-सहायता समूह वसुधा, गोल्डन स्व-सहायता समूह बिलहरी , ग्राम निटर्रा का कीर्ति स्व-सहायता समूह, सुमन स्व-सहायता समूह और राधिका स्व-सहायता समूह के अलावा कई अन्य समूह अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं।
अद्रिका स्व-सहायता समूह-ग्राम कैलवारा खुर्द की रश्मि निखरा बतातीं है कि दीपावली के त्योहार की वज़ह से दीया , सजावटी सामानों और मूर्तियों की अच्छी खासी मांग है। सरस्वती स्व-सहायता समूह विजयराघवगढ़ की शकुन बाई पटेल बतातीं है कि उनके समूह की दीदियों के बनाए एलईडी बल्ब भी त्यौहारी सीजन में खूब बिक रहे हैं।
समूहों की महिलाएं कहतीं हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’और स्वदेशी सामग्री एवं उत्पादों के उपयोग की अपील का जनसामान्य में जादुई असर हुआ है और ये सभी लोग स्वदेशी उत्पादों के प्रति दिलचस्पी दिखा रहे हैं इससे बिक्री बढ़ी है।