ब्यूरो चीफ मनोज भट्ट
जिला बस्तर छत्तीसगढ़
शहर के पथरागुड़ा में ईसर गौरा गौरी विवाह महा पर्व बड़े धुम धाम से मनाया गया।
आदिवासी ध्रुव गोड़ एवं अन्य सहयोगी समाज के द्वारा स्थान पथरा गुड़ा में प्रति वर्ष की भाती इस वर्ष भी देवो के देव बुढ़ा देव और मां पार्वती की शादी की साक्षी बने शहर वासी सैकड़ों की संख्या में ईशर गौरा की शादी में शामिल होकर नाचते गाते हुए ईसर गौरा की जय कारा लगाते हुए बम फाटकों के साथ उनका स्वागत कर इस पर्व में महिलाएं घर घर जाकर कलश लेकर लम्बी कतारों में चलते हुए ऐसे लगते है मानो अपने इष्ट देव की विवाह में शामिल होकर अपने आप को धन्य समझती है इस पावन पर्व को मनाने के पीछे एक किंवदंती है कि नया फसल आने की खुशी में नया धान की बाली ईसर गौरा को भेट कर अच्छी फसल की कामना करते हुए अपने इष्ट देव की आराधना करते हैं ऐसी मान्यता है कि ईसर गौरी की शादी के बाद ही आदिवासी समाज में लोग अपने बच्चों की शादी करते है,यह भी मान्यता है कि सुरोंती की रात से ही मौसम में बदलाव दिखने लगता है ठंड का अहसास होने लगता है, यह त्योहार एक सप्ताह पहले से तैयारी कर ली जाती है लिपाई पुताई कर घरों मे रंग रोगन कर घर को साफ सुथरा किया जाता है ईसर राजा की शादी में कोई कसर न हो इस बात की पूरी सावधानी बरती जाती है दूसरे दिन विसर्जन का कार्यक्रम होता है जिसमें महिलाएं पुरुष नाचते कूदते हुए अपने आराध्य देव को विसर्जन किया जाता है इस महत्ती कार्यक्रम को निभाने में संभागीय अध्यक्ष संजय ध्रुव, संभागीय सचिव लिलेश्वर ध्रुव,जिला उपाध्यक्ष विक्रम चंद्रवंशी, परिक्षेत्र अध्यक्ष अशोक मंडावी, उपाध्यक्ष करण सिंह नेताम,युवा अध्यक्ष हेमंत चंद्रवंशी, ओमप्रकाश ध्रुव,माता की सेवादार सीताराम नेताम, नीलकंठ ठाकुर गोंचु राम ध्रुव,भगत राम ध्रुव रामनारायण ध्रुव धनी राम भंडारी,संतोष भंडारी,रमेश नेताम, जितेन्द्र नेताम,वेद कुमार ,रूप नारायण ध्रुव महिला प्रकोष्ठ में दया ध्रुव, राधा ध्रुव,गौरी ध्रुव, सुरुज बती नेताम,पायल नेताम, पुष्पा ध्रुव,नीलामध्रुव,अनीता ध्रुव ,सावित्री ध्रुव,लक्ष्मी ठाकुर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक सदस्य सहित गणमान्य सदस्य उपस्थित होकर इस महत्ती कार्य को निभाने में महत्वपूर्ण योगदान दिए