उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की थाना अलीगंज पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए 6 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों ने अपनी ही लापरवाही से चली गोली की घटना को एक निर्दोष व्यक्ति के सिर मढ़ने और उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची थी। पुलिस की मुस्तैदी और गहन जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ गई, जिसके बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, घटना की शुरुआत पैसों के लेनदेन और आपसी रंजिश से हुई। 29 जून 2026 को देवेश गंगवार (निवासी मीरगंज, बरेली) अपने बीमार ताऊ सुरेश गंगवार का इलाज कराने दिल्ली गए थे। वहीं सुरेश के दामाद आकाश गंगवार अपने साथी हर्ष और अन्य लोगों के साथ देवेश को गुरुग्राम (हरियाणा) के एक क्लब में ले गए। वहां पैसों के लेनदेन और क्लब के बिल को लेकर देवेश के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई, जिसकी शिकायत देवेश ने 30 जून को गुरुग्राम के डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में दर्ज कराई थी।इस रंजिश का बदला लेने और देवेश को झूठे केस में फंसाने के लिए आकाश, हर्ष, विपिन और उनके साथियों ने एक खतरनाक योजना बनाई। 1 जुलाई 2026 को ये सभी लोग ‘भारत के झाल’ पर मौजूद थे। वहां विपिन कुमार अपना अवैध तमंचा चेक कर रहा था, तभी अचानक लापरवाही के कारण तमंचे से गोली चल गई। यह गोली सीधे उनके ही साथी हर्ष के कंधे में जा लगी। घायल हर्ष को तुरंत बरेली के गंगाशील अस्पताल में भर्ती कराया गया।अपनी अवैध हथियार की बात छुपाने और देवेश से बदला लेने के लिए इन लोगों ने थाना अलीगंज में देवेश गंगवार के खिलाफ हर्ष को गोली मारने की झूठी तहरीर दे दी।जब थाना अलीगंज पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की, तो घटनास्थल के साक्ष्यों और पूछताछ में विरोधाभास नजर आया। कड़ाई से की गई पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और माना कि देवेश को फंसाने के लिए उन्होंने खुद गोली लगने की घटना को साजिश का रूप दिया था। पुलिस ने देवेश गंगवार की प्रार्थना पत्र के आधार पर विभिन्न धाराओं (BNS धारा 308(6)/351(2)) के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की।थाना प्रभारी अलीगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 जुलाई 2026 को बिचरा बालकिशनपुर झाले के पास से कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।1.विपिन पुत्र सुखलाल (निवासी फतेहगंज पश्चिमी, बरेली)2.कप्तान पुत्र लाल सिंह (निवासी अलीगंज, बरेली)3.सचिन पुत्र महेशपाल (निवासी अलीगंज, बरेली)4.धमेन्द्र पुत्र रामपाल (निवासी अलीगंज, बरेली)5.भारत पुत्र पूरण सिंह (निवासी अलीगंज, बरेली)6.उदयवीर पुत्र हरिप्रसाद (निवासी जहानाबाद, पीलीभीत)पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल सामान और अवैध असलहे बरामद किए हैं:1 अदद अवैध तमंचा 315 बोर (मय एक जिंदा कारतूस)1 अदद अवैध तमंचा 12 बोर (मय एक जिंदा कारतूस)1 खोखा कारतूस 315 बोर (जो हर्ष को गोली लगने के दौरान चला था)इस अंधेरे केस का पर्दाफाश करने और निर्दोष को न्याय दिलाने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक जगत सिंह, उप-निरीक्षक हरिमुख सिंह, हेड कांस्टेबल महावीर सिंह, कांस्टेबल कैलाश, कांस्टेबल विपिन कुमार हुड्डा और कांस्टेबल मोनू कुमार शामिल रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
रिपोर्ट:शुऐब खान ब्योरो चीफ बरेली डिवीज़न