सीनियर पत्रकार – अर्नब शर्मा
वालोंग, अरुणाचल प्रदेश: 63वें वालोंग दिवस स्मरणोत्सव के अंतर्गत, भारतीय सेना द्वारा किबिथु में तीन चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा शिविरों की श्रृंखला में पहला शिविर आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ सीमावर्ती गाँवों के निवासियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल और पशु चिकित्सा सहायता प्रदान करना और साथ ही सशस्त्र बलों और स्थानीय आबादी के बीच संबंधों को मज़बूत करना था।
इस शिविर में किबिथु और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया देखी गई। सेना के डॉक्टरों और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, दवाइयाँ और पशु चिकित्सा देखभाल प्रदान की गई। यह शिविर एक स्वास्थ्य सेवा आउटरीच प्रयास के रूप में और अरुणाचल प्रदेश के लोगों की भलाई के लिए सेना की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि के रूप में भी कार्य करता है।
यह चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा शिविर वालोंग दिवस स्मरणोत्सव से पहले आयोजित किए जा रहे एक व्यापक सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा है, जो वालोंग की लड़ाई (1962) के दौरान भारतीय सैनिकों के पराक्रम और बलिदान का सम्मान करता है। ऐसी पहलों के माध्यम से, भारतीय सेना न केवल साहस की विरासत का जश्न मनाती है, बल्कि अपने लोगों के साथ सद्भावना, विश्वास और साझेदारी को भी बढ़ावा देती है।
आने वाले दिनों में वालोंग और ह्युलियांग जैसे अन्य स्थानों पर भी तीन शिविरों की श्रृंखला जारी रहेगी, जिससे व्यापक आबादी तक पहुँच बनाई जा सके और वालोंग की आत्मा को परिभाषित करने वाले मानवीय और करुणामयी लोकाचार को सुदृढ़ किया जा सके।