सरस्वती शिशु मंदिर दोस्तपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन वृंदावन से पधारे कथा व्यास हरि मंगल पाराशर दास महाराज ने कृष्ण की बाल लीलाओं, पूतना के उद्धार,गोवर्धन पूजा के अलौकिक प्रसंग को सुनाया । गोवर्धन पूजा की कथा सुनाते हुए महाराज जी ने ‘गोवर्धन’ शब्द का अर्थ भी बताया ‘गो’ का अर्थ है इंद्रियां, जो अपनी इंद्रियों का वर्धन कर लिया वही गोवर्धन है कथा व्यवस्थापक श्री प्रभाकर दास जी ने नगर दोस्तपुर की धर्म प्रेमी सज्जनों की आर्थिक, मानसिक, शारीरिक सहयोग के हृदय की गहराइयों से सभी जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया। 19 नवंबर को पूर्णाहुति के दिन एक विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। आज की कथा में बृजेश जी जिला प्रचारक, शुभम जी विभाग शारीरिक प्रमुख, राकेश अग्रहरि जिला कोषाध्यक्ष, अजय सोनी व्यापार मंडल अध्यक्ष,विवेक जी नगर कार्यवाह, अभय जी, विनोद पांडेय, नवनीत पांडेय ,कालिका उपाध्याय, साजन मिश्रा, सुधाकर तिवारी, इंद्रपाल जायसवाल, बबलू जायसवाल, शशि बरनवाल, पवन सेठ,मनीष अग्रहरि, मीरा तिवारी, संतराम चौरसिया, रामू कसौधन सैकड़ो धर्म प्रेमियों ने कथा व्यास का पूजन अर्चन किया।
अवनीन्द्र मिश्र (ब्यूरो चीफ सु.)