उरई(जालौन):
सिपाही की ब्लैकमेलिंग से तंग इस्पेक्टर राय ने खुद को मारी गोली:
सिपाही के सहयोगी बाईक सवार की पुलिस को तलाश:
इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। शुरुआत में मामला महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा की ब्लैक मेलिंग से तंग आकर सुसाइड का बताया जा रहा था। लेकिन, इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने मीनाक्षी शर्मा पर हत्या करने या करवाने की एफआईआर करवाई है। पुलिस के सीनियर अफसर अभी इसे सुसाइड ही मान रहे हैं। लेकिन जिस तरह से मच्छरदानी के अंदर शव मिला और 9 एमएम पिस्टल से चली गोली कमरे से नहीं मिली। इसलिए पुलिस अभी खुलकर कुछ भी नहीं बोल रही है। हालांकि, शुरुआती जांच इशारा कर रही है कि महिला सिपाही को कमरे में देखते ही इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मार ली। मीनाक्षी सिर्फ 3 मिनट में थाने में आई और भाग गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी है। रविवार दोपहर बाद पुलिस की टीम प्राइवेट कार से मीनाक्षी का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद में मेडिकल कराने पहुंची। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंस्पेक्टर राय और मीनाक्षी जुलाई 2024 में एक दूसरे के संपर्क में आए। दोनों उस वक्त जालौन के कोंच थाने में तैनात थे। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।कोंच से उरई ट्रांसफर होने के बाद मीनाक्षी का इंस्पेक्टर राय के पास आना-जाना था। जब उनका ट्रांसफर कुठौंद थाने में किया गया तो वहां भी अक्सर मीनाक्षी आती थी।मीनाक्षी आई फोन यूज करती थी उसने हाल ही में 3 लाख का हार लिया था। चर्चा है कि इंस्पेक्टर राय ने ही इसे दिलवाया था। डिपार्टमेंट में यह भी चर्चा है कि मीनाक्षी के पास इंस्पेक्टर के कुछ निजी वीडियो थे, जिसे लेकर वह उन्हें लगातार ब्लैकमेल करती थी। अब 25 लाख रुपए मांग रही थी।शुक्रवार रात 9.17 बजे कुठौंद थाने में इंस्पेक्टर राय के कमरे में गोली चली। मीनाक्षी शर्मा कमरे से भागती हुई बाहर आई। चिल्लाकर बोली कि साहब ने गोली मार ली है। इसके बाद वह मौके से भाग गई। कई CCTV में नजर आ रही है। थाने के सिपाही भागते हुए इंस्पेक्टर के कमरे में गए। वहां मच्छर दानी के अंदर खून से लथपथ शव पड़ा था। उनकी सर्विस रिवॉल्वर पेट के ऊपर पड़ी थी। सिर में लगी गोली आर-पार हो गई थी। इंस्पेक्टर के भतीजे प्रशांत राय ने बताया कि चाचा ने घटना से कुछ देर पहले चाची से बात की थी। तब उन्होंने कहा था कि खाना-पीना खा लिया है। अब सोने जा रहा हूं। थोड़ी देर बाद ही संदिग्ध हालत में उनकी मौत हो गई।पुलिस के मुताबिक, मीनाक्षी की नवंबर में सगाई थी। उसने 1 नवंबर को विभाग में छुट्टी की एप्लीकेशन दी थी। 10 नवंबर तक वह छुट्टी पर रही, जिसके बाद उसने ड्यूटी जॉइन की। 17 नवंबर को फिर उसने 6 दिन की छुट्टी की एप्लीकेशन दी थी, जिसके बाद से वह लगातार अनुपस्थित थी। मीनाक्षी शर्मा के मेरठ जिले के फलावदा थाना क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर उर्फ दांदूपुर की रहने वाली है। पिता का नाम विपिन कुमार शर्मा है। 2019 में सिपाही पद पर भर्ती हुई थी,पहली पोस्टिंग पीलीभीत में हुई थी। वहां एक सिपाही पर उसने मामला दर्ज कराया था। जिस पर उसका तबादला 3 अक्टूबर 2022 को पीलीभीत से जालौन कर दिया गया। मीनाक्षी ने 10 अक्टूबर 2022 को जालौन पुलिस लाइन में आमद कराई थी। उसे चुर्खी थाना भेजा गया था, जिसके बाद कोंच कोतवाली में पोस्टिंग हुई थी। बाद में डायल 112 में ट्रांसफर किया गया। बदायूं में तैनात सिपाही मोहित खोखर ने बताया कि पीलीभीत में तैनाती के दौरान मीनाक्षी शर्मा ने उस पर शादी का झांसा देकर धोखा देने का आरोप लगाया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामला 2019 में पूरनपुर थाने का है। इसी दौरान दोनों में पहचान हुई थी।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश