✍राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
शहीद सप्ताह पर गुरुद्वारा पंजाबी सभा कैमोर में लंगर सेवा व श्रद्धांजलि कार्यक्रम
कैमोर// कैमोर नगर में सिख पंथ के गौरवशाली इतिहास और अद्वितीय बलिदान को स्मरण करते हुए गुरुद्वारा पंजाबी सभा कैमोर द्वारा शहीद सप्ताह का आयोजन श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव के साथ किया जा रहा है। यह शहीद सप्ताह 21 दिसंबर से 27 दिसंबर तक मनाया जाएगा, जो सिख पंथ के दसवें गुरु, श्री गुरु गोविंद सिंह जी के पूरे परिवार की महान शहादत की याद दिलाता है। इतिहास में ऐसा उदाहरण विरले ही देखने को मिलता है, जब इंसानियत और धर्म की रक्षा के लिए एक पूरा परिवार हंसते-हंसते बलिदान हो गया हो।
गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत केवल सिख पंथ ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। 21 से 27 दिसंबर के बीच हुए ये बलिदान अन्याय, अत्याचार और जबरन धर्म परिवर्तन के विरुद्ध खड़े होने का प्रतीक हैं। छोटे साहिबजादों को दीवार में चिनवाया जाना और बड़े साहिबजादों का युद्धभूमि में वीरगति पाना यह सिद्ध करता है कि सिख पंथ ने हमेशा धर्म, सत्य और मानवता के लिए सर्वोच्च त्याग को अपनाया है।
इसी शहादत को धर्म और इंसानियत की जीत मानते हुए सिख पंथ ने कभी भी अत्याचार के सामने सिर नहीं झुकाया और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए आगे बढ़ता रहा। यही कारण है कि सिख इतिहास बलिदान, सेवा और साहस की मिसालों से भरा हुआ है।
शहीद सप्ताह के अवसर पर गुरुद्वारा पंजाबी सभा कैमोर की युवा समिति द्वारा विशेष लंगर सेवा का आयोजन किया जाएगा। लंगर के माध्यम से सभी वर्गों, जातियों और धर्मों के लोगों को एक पंक्ति में बैठाकर सेवा दी जाएगी, जो सिख पंथ के “सरबत दा भला” के संदेश को साकार करता है। लंगर सेवा के साथ-साथ श्रद्धा सुमन अर्पित कर शहीदों को नमन किया जाएगा और उनके बलिदान को याद किया जाएगा।
इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को सिख इतिहास से जोड़ना, शहादत के मूल्यों को समझाना और समाज में भाईचारे, समानता व मानवता का संदेश फैलाना है। गुरुद्वारा पंजाबी सभा कैमोर ने समस्त नगरवासियों से अपील की है कि वे शहीद सप्ताह के कार्यक्रमों में शामिल होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लें।