सहारनपुर। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGAY) के तहत उत्तर प्रदेश के जनपद सहारनपुर में आज भी पात्र लाभार्थियों को मुफ्त राशन का वितरण किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी के समय शुरू हुई यह योजना आज भी निर्धन परिवारों के लिए जीवनदायिनी बनी हुई है, लेकिन जनपद के कुछ राशन डीलरों के भ्रष्टाचार ने योजना की साख पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
कैसे हो रहा है ‘कांटे’ का खेल ?
सहारनपुर के विभिन्न क्षेत्रों से आई शिकायतों के अनुसार, कुछ भ्रष्ट राशन डीलर घटतौली (कम तोलने) का नया तरीका अपना रहे हैं। लाभार्थियों का अंगूठा ई-पॉस मशीन पर लगवाने के बाद, जब वजन करने की बारी आती है, तो वहां हेराफेरी शुरू होती है।
आरोप है कि डीलर कांटे पर एक यूनिट का खाली बाट (अतिरिक्त वजन) चढ़ाकर पहले 3 किलो और फिर 2 किलो अलग-अलग तोलते हैं। इस गणित के जरिए 5 किलो के स्थान पर लाभार्थी को कम राशन दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी परिवार में 4 यूनिट (सदस्य) हैं, तो सरकारी नियमानुसार उन्हें 20 किलो राशन मिलना चाहिए, लेकिन डीलरों की इस चालाकी के कारण उन्हें मात्र 18 किलो ही मिल पा रहा है।
सरकार को चूना और गरीबों का शोषण, यह भ्रष्टाचार न केवल गरीब जनता के साथ अन्याय है, बल्कि सीधे तौर पर सरकारी खजाने को चूना लगाने की साजिश है। प्रति कार्ड 2 से 3 किलो की यह चोरी महीने के अंत में सैकड़ों क्विंटल अनाज के घोटाले में तब्दील हो जाती है, जिसे बाद में कालाबाज़ारी के जरिए ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। ऐसे भ्रष्ट केंद्रों पर औचक छापेमारी की जाए और दोषियों के लाइसेंस रद्द कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़