शुक्रवार सुबह से जारी रुक-रुक कर हल्की बारिश ने जिले में मौसम का पूरा मिज़ाज बदल दिया। कई दिनों से खिल रही धूप और ठंड से मिल रही राहत अचानक खत्म हो गई, जिससे लोग एक बार फिर कंपकंपाती ठिठुरन महसूस करने लगे। बूंदाबांदी के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा—सड़कों पर आवाजाही सामान्य से कम दिखी और लोग जरूरी कामों के लिए ही घरों से निकलते नजर आए।
बारिश ने जहाँ लोगों को परेशानी में डाला, वहीं किसानों के लिए यह वरदान साबित हो रही है। गेहूं, सरसों और आम की फसलों को इस समय हुई नमी बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। किसानों के मुताबिक यह बारिश पैदावार में सुधार लाएगी और खेतों में नई ऊर्जा भर देगी।
उधर, बसंत की शुरुआत के साथ पतंगबाजी की तैयारी कर रहे युवाओं के उत्साह पर पानी फिर गया। खुले आसमान में ऊँची उड़ान भरने वाली रंग-बिरंगी पतंगों की जगह बादलों ने डेरा जमा लिया, जिससे पतंगबाजी का मज़ा अधूरा रह गया।
मौसम की यह करवट जहाँ आम लोगों के लिए चुनौती भरी रही, वहीं यह वर्षा प्रकृति का संतुलन बनाए रखने और फसलों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आई है!
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़