दारू पीने के लिए किसानों की प्राइवेट जमीन पर मदिरा प्रेमी पीने के लिए तैयार है और पानी पाउच,प्लास्टिक,गिलास पॉलीथिन इससे बंजर होती जमीन वही स्कूली बच्चों का चंद पैसे के लालच में भविष्य के साथ खिलवाड़ ये मामला राजनादगांव जिला डोंगरगढ़ विकाश खंड क्षेत्र का मामला सामने आया है जहां बच्चे अपना भविष्य स्कूल शिक्षा और ज्ञान से इनका भविष्य शिक्षा के मंदिर से ही तय होता है बच्चे स्कूल तो जाते है पर घर वापसी आने के बाद यही बच्चे गांव से लगे मदिरा प्रेमियों के फेंके हुए प्राइवेट किशनी जमीन से खाली सीसी, पौवा को इकठ्ठा करके कबाड़ियों को बेचने पर मजबूर शायद हो सकता है इन बच्चों के माता पिता जेब खर्च निकल जाता है इन बच्चों का यही उनकी सोच होगी पर इन बच्चों का चंद पेसो के लालच में इनका भविष्य अंधकार में है दारू पीने वालों का क्या है स्कूलों,धर्म स्थलों जैसे जगह नहीं छोड़ते तो बाकी जग क्या छोड़ेंगे बाकी सभी काम साय साय हो रहा है