वाराणसी से प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट। इंडियन टीवी न्यूज नैशनल।
वाराणसी के शहंशाहपुर में देश का दूसरा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनेगा। ऐसे में अब काशी आयुर्वेद का ग्लोबल हब बनेगा। इसके लिए 35 एकड़ जमीन की चिह्नित गई है।
दिल्ली के बाद काशी में देश का दूसरा अखिल भारतीय आयुर्वेद शोध संस्थान बनेगा। वीडीए की ओर से आराजी लाइन विकासखंड के शहंशाहपुर में उत्तर प्रदेश डेयरी विकास विभाग की 35 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। जल्द ही अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी फिर निर्माण शुरू होगा।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में देश में तीन नए आयुर्वेद शोध संस्थान बनाने की घोषणा की थी। इसमें से एक काशी में प्रस्तावित है। आयुर्वेद का शोध संस्थान बनने से पूर्वांचल समेत पूरे देश के छात्रों को लाभ मिलेगा। इसे नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
आयुष विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इसका संचालन दिल्ली एम्स के तर्ज पर किया जाएगा। यह संस्थान केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि एक उच्च स्तरीय शैक्षणिक केंद्र होगा। मुख्य रूप से पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) और डॉक्टोरल (पीएचडी) स्तर पर आयुर्वेद की शिक्षा दी जाएगी। आयुर्वेद के विभिन्न विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए यह देश का प्रमुख गंतव्य बनेगा।
प्राचीन पद्धति से एआई तक का दिया जाएगा प्रशिक्षण
यहां प्राचीन आयुर्वेदिक सिद्धांतों को आधुनिक वैज्ञानिक मानकों पर कसने के लिए अत्याधुनिक लैब्स और रिसर्च यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। छात्रों को प्राचीन पद्धति से लेकर एआई आधारित शिक्षा सिखाई जाएगी। संस्थान में उच्च गुणवत्ता वाली आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ-साथ चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था होगी। आयुर्वेद संकाय के साथ मिलकर संस्थान वाराणसी को मेडिकल टूरिज्म के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करेगा। वीडीए की ओर से जमीन का सर्वे कर शासन को भेजा जा चुका है। तकनीकी अड़चनों को भी दूर कर लिया गया है।।