रामगढ़ उपखण्ड के ओडेला गांव स्थित खनन क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हो गया। खनन के दौरान अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा दरक गया, जिससे वहां कार्यरत पोकलेन मशीन और उसे चला रहा ऑपरेटर पानी से भरी करीब सौ फीट गहरी खाई में समा गया। यह हादसा शुक्रवार सायं करीब 6.30 बजे खनन लीज संख्या 414 में हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन क्षेत्र में ऊंची पहाड़ियां, गहरी खाइयां और घना अंधेरा राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन गया। घटनास्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रशासन देर रात तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका। बाद में देर रात लाइट की व्यवस्था की गई, लेकिन तब तक हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने रहे।
घटनास्थल पर मौजूद तहसीलदार अंकित गुप्ता ने बताया कि हादसे के बाद लीज का संचालन करने वाले लोग मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार इस लीज में बिहार के बक्सर जिले का निवासी रामानंद तिवारी पुत्र पारशना पोकलेन मशीन चला रहा था। पहाड़ दरकते ही ऑपरेटर और मशीन दोनों का कोई सुराग नहीं लग सका। आशंका जताई जा रही है कि पोकलेन मशीन सहित ऑपरेटर पानी से भरी गहरी खाई में दब गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे से पहले तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद करीब 300 फीट ऊंचाई से पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसक गया। लगभग 50 हजार टन मलबा और पत्थर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में खनन कार्य कर रही पोकलेन मशीन और उसका ऑपरेटर आ गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
शनिवार सुबह करीब 9 बजे एनडीआरएफ/एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। गहरी पानी भरी खाई में रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है। रेस्क्यू के बाद ही हादसे की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। ऑपरेटर के परिजनों को सूचना दे दी गई है, जो घटनास्थल पर पहुंचने वाले हैं।
वहीं ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां वैध खनन लीज की आड़ में लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा था। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह लीज बंद बताई जा रही है, लेकिन रात के समय पोकलेन मशीन से अवैध खनन किया जाता था। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों की अनदेखी और अवैध खनन के कारण ही यह बड़ा हादसा हुआ है।
रिपोर्ट अजय भारद्वाज अलवर राजस्थान