ग्रामपंचायत पंसोखर में मनरेगा भी महफूज नहीं भ्रष्टाचार से।
स्लग/ बड़वारा विकासखंड की पनसोखर पंचायत में मजदूरों को मुनासिब नहीं रोजगार घर बैठे लोगों के नाम हो रहा मजदूरी भुगतान।।
एंकर/ भारत सरकार कि मजदूर हितैषी महत्वाकाक्षी मनरेगा योजना भी भ्रष्टाचार से बची नहीं ग्रामपंचायत सरपंच,सचिव के षडयंत्र देखते बनते हैं जब जरूरतमंद की जगह प्रतिष्ठित और बीमार व्यक्तियों के नाम हाजरी दर्ज कराकर मजदूरी भुगतान कराया जाता है । एक ऐसा विचित्र सत्य उस समय सामने आया जब बड़वारा जनपद की ग्रामपंचायत पनसोखर के चुने गए कुछ पंचो और ग्रामीणों द्वारा दस्तावेज आधारित आरोप लगाया गया कि उपसरपंच पति पंचायत में मेट पद पर कार्यरत व्यक्ति के द्वारा अपने चहेते और संबंधियों के नाम जिनका मनरेगा के काम से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है उनकी उपस्थित दर्ज कर मजदूरी भुगतान कराया जाता है । आवेदकों द्वारा शपथ पत्र में अनावेदकों के नाम का उल्लेख करते हुए ग्रामपंचायत सचिव व उपसरपंच कि मनमानी को व्यक्त करते हुए बताया है कि कोरोना काल से अगले कुछ माह तक हुए मेड बंधान, वृक्षारोपण इत्यादि मनरेगा मजदूरी के कार्यों में अनेक ऐसे व्यक्तियों के नाम हाजरी लगाकर मजदूरी भुगतान कराया गया है जो कभी कार्यस्थल तक नहीं गए जिसकी वजह से असली मजदूरों और जरूरतमंदो को मजदूरी से वंचित रहना पड़ा ।
गौरतलब है कि इस कोरोना काल में प्रत्येक ग्रामपंचायत में मजदूरों को मजदूरी देने के वास्ते अनेक मजदूर
ह दिवस के कार्य कराए गए लेकिन पंसोखर की भांति भ्रष्टाचार से मालूम होता है कि मनरेगा में मजदूरों की बजाय इसी तरह सचिव सरपंच सरपरस्त लोगो को लभानवित किया गया जिसकी जानकारी जब जनपद सीओ और उपयंत्री से साझा करके जवाब जानना चाहा तो उन्होंने जांच कराकर कार्यवाही किए जाने कि बात कह तो दी लेकिन चापलूसी कि चरम सीमा पार करने वाले मेट्, सचिव के इस कालेकारनामें पर गौर क्यूँ नहीं किया!!
बाईट/ पूजा नागर (उपयंत्री )
बाईट/ अशोक दुबे (पंच )पंसोखर
बाईट/ ग्रामीण (पंसोखर )
रिपोर्ट ब्योरो चीफ राजेश कुमार तिवारी
