रिपोर्टर : जाकिर झंकार आहवा
हर वर्ष 13 फरवरी को यूनेस्को द्वारा ‘वर्ल्ड रेडियो डे’ मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम ‘रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ है। रेडियो केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेरणा और जन-जन से जुड़ाव का माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी रेडियो की इसी प्रभावशाली पहुंच का उदाहरण है।
डिजिटल युग में भी रेडियो ने अपना महत्व बनाए रखा है। समाचार, खेल, संगीत और आपदा के समय सूचना प्रसारण में इसकी भूमिका अहम रही है। ऑल इंडिया रेडियो देशभर में 23 भाषाओं और 179 बोलियों में प्रसारण कर लगभग पूरे देश की आबादी तक पहुंचता है।
डांग जिले के दुर्गम क्षेत्रों में आकाशवाणी केंद्र, आहवा सूचना, शिक्षा और मनोरंजन का प्रमुख माध्यम बना हुआ है। यहां से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम नियमित प्रसारित होते हैं।
इस प्रकार रेडियो आज भी समाज को जोड़ने वाला सशक्त और विश्वसनीय माध्यम बना हुआ है।