सहारनपुर में 360 स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया दूसरे चरण में आज 160 सदस्यों ने सहारनपुर में ट्रेनिंग में उपस्थिति दर्ज कराई
मई 2025 के ऐतिहासिक ऑपरेशन सिन्दूर के बाद देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) की भूमिका में आमूलचूल परिवर्तन आया है। इसी क्रम में आज सहारनपुर में उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों पर नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा एक वृहद समीक्षा बैठक एवं प्रशिक्षण ट्रेनिंग का सात दिवसीय आयोजन कलेक्ट्रेट स्थित सिविल डिफेंस कार्यालय के प्रांगण में शुरू किया गया
विभागीय योजना के अनुसार, जिले के 360 स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, हवाई हमले से बचाव और राहत कार्यों के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था। ‘प्रथम चरण पूर्व में आयोजित ट्रेनिंग में में 150 सदस्यों को कड़ा प्रशिक्षण दिया गया था। द्वितीय चरण (आज) दिनांक 22.02.2026 से आयोजित विशेष सत्र में पुनः 160 स्वयंसेवकों को आधुनिक उपकरणों और आपदा तकनीकों की सात दिवसीय ट्रेनिंग दी जा रही है इस प्रकार अब तक कुल 300 स्वयंसेवक पूरी तरह प्रशिक्षित होकर राष्ट्र सेवा के लिए तैयार हो जायेंगे। मुख्य अतिथि एडीएम (ई) संतोष बहादुर सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के विजन के अनुसार, अब नागरिक सुरक्षा केवल युद्धकाल तक सीमित नहीं है। ऑपरेशन सिन्दूर के बाद उपजी परिस्थितियों ने सिखाया है कि हर नागरिक को फर्सट रिस्पॉन्डरश होना चाहिए। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में विभाग का विस्तार इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। और दिए जाने वाला
यह प्रशिक्षण सभी के लिए मिल का पत्थर साबित होगा उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस के वार्डन निस्वार्थ भाव से कार्य करते है चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन के नेतृत्व में सहारनपुर सिबिल डिफेंस अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से निर्वाहन कर रही है उनके समर्पण को सभी नमन करते है।
उप नियंत्रक कश्मीर सिंह सिविल डिफेंस ने बताया कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान ऑपरेशन सिंदूर के बाद मुख्यमंत्री के निर्देशन में भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 29 मई, 2025 के अनुपालन में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में नागरिक सुरक्षा विभाग की स्थापना की गई सरकार द्वारा निर्देश दिए गए कि जनपद में 360 सदस्यों को क्षमता निर्माण प्रशिक्षण दिया जाए उसी परिपेक्ष में आज ट्रेनिंग दी जा रही है। चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन ने कहा कि नागरिक सुरक्षा के वार्डन समाज के बिना वर्दी के सिपाही हैं। उन्होंने जोर दिया कि सहारनपुर की सुरक्षा और शांति व्यवस्था में वार्डनों का योगदान अतुलनीय है और जल्द ही नगर में आबादी के अनुसार चार नए डिवीजन सक्रिय करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विभाग के प्रमुख कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नागरिक सुरक्षा का मुख्य उद्देश्य हवाई हमले से जन-धन की क्षति को न्यूनतम करना, जनमानस का मनोबल बनाए रखना तथा उत्पादन क्षमता को सुरक्षित रखना है। वर्तमान परिदृश्य में विभिन्न आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में स्वयंसेवक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा धार्मिक पर्वों एवं आयोजनों में पुलिस-प्रशासन को शांति व्यवस्था में सहयोग प्रदान करते हैं।
ऑपरेशन सिन्दूर और नई सरकारी नीति बैठक में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि 1962 के बाद पहली बार केंद्र सरकार ने नागरिक सुरक्षा के लिए विशेष बजट आवंटित किया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के सशक्त नागरिक, सुरक्षित भारत के नारे को धरातल
पर उतारने के लिए अब वार्डनों को साइबर सुरक्षा और आधुनिक राहत कार्यों से जोड़ा जा रहा है। प्रमुख उपस्थिति कार्यक्रम का संचालन सहायक उप नियंत्रक दिनेश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर उप नियंत्रक कश्मीर सिंह, डिप्टी चीफ वार्डन हंसराज सैनी प्रभागीय वार्डन देवेंद्र बंसल प्रभारी प्रभागीय वार्डन वसीम अख्तर, डॉ. एम.पी. चावला, सही राम विनय जैन, नीना जैन, सरफराज खान, मेहरबान अंसारी, खालिद सिद्दीकी, वीरसैन जैन, अर्चना रानी, दिपक गुप्ता, आयुष जैन राजा अविनाश जैन, और नरेश सैनी सहित सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। नागरिक सुरक्षा विभाग की यह बैठक विभाग को और अधिक सशक्त एवं जन-उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़