सहारनपुर बेहट
बेहट। ग्राम भागूवाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धा का सैलाब उमड़ रहा है। कथा के तीसरे दिन प्रवचन करते हुए संजय प्र न्नाचार्य जी महाराज ने कहा किअपने आश्रित मनुष्य की कष्टों से भगवान स्वयं रक्षा करते हैं
महाभारत युद्ध के उपरांत अश्वत्थामा द्वारा अभिमन्यु की पत्नी पर ब्रह्मास्त्र संधान किया गया परिणामस्वरूप गर्भस्थ जीव की मृत्यु का आभास होने पर उत्तरा ने भगवान श्रीकृष्ण से करुण पुकार की तो भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कृपा दृष्टि से मृत जीव को पुनर्जीवित कर सुदर्शन चक्र द्वारा सुरक्षा प्रदान की जन्म लेते जीव ने संसार मे गर्भ में रक्षा करने वाले ईश्वर को चारों ओर देखा तो ब्राह्मणों द्वारा परीक्षित नाम रखा गया,
गर्भ में भगवान के द्वारा ही भरण पोषण और रक्षण होता होता है परंतु संसार की मोह माया में फंसकर मनुष्य भगवान की कृपा और शक्ति को भूल कर अपने आप को ही कर्ता धर्ता मान बैठता है परिणाम स्वरूप जीवन में प्राप्त सुख और आनंद के स्थान पर दुखों का भोक्ता बनकर रह जाता है,प्रपन्नाचार्य जी ने कहा मनुष्य को जीवन में सावधानीपूर्वक परमात्म प्रदत्त शक्तियों का सदुपयोग करते हुए जीवन व्यतीत करना चाहिए, राजा परीक्षित द्वारा अहंकार में संतोष का अपमान हुआ परिणाम में सात दिन में मृत्यु का शाप मिला फिर संतो के मार्ग दर्शन से ही शुकदेव जी के सानिध्य से ही शाप मुक्ति का साधन बना,
महाभारत प्रसंग से सत्य असत्य ,न्याय अन्याय, अत्याचार परोपकार के परिणाम के व्याख्यान में बताया मनुष्य को अपने किए कर्मों का बीज ही मनुष्य को पुण्य फल सुख व पाप दुख रूपी फल के रुप में प्राप्त होता है कितना भी शक्तिमान हो किए हुए कर्म का भोगना ही होगा। इस मौके परब्रजपाल, कबूल सिंह सैनी,महेंद्र राणा,दीपक राणा,अरुण राणा,आदित्य राणा,उषा देवी,सारिका सैनी,आदि उपस्थित रहे,अंजेस सैनी,दिनेश कुमार सैनी ने भागवत पूजन एवं कथा व्यास पूजन कर धर्म लाभ उठाया।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़