हरिकेश मिश्रा इंडियन न्यूज़ टीवी तहसील रिपोर्टर
प्रयागराज (मेजा):सरकारी सेवा की यात्रा का अंत जब आत्मीयता के साथ होता है, तो वह क्षण अविस्मरणीय बन जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा प्रयागराज के मेजा अग्निशमन केंद्र पर देखने को मिला, जहाँ लीडिंग फायरमैन (LFM) जीतनारायण की सेवानिवृत्ति पर पूरा स्टाफ भावुक हो उठा। दशकों तक आग की लपटों से जूझने और लोगों की जान बचाने वाले जीतनारायण ने आज अपनी राजकीय सेवा का अंतिम सफर पूरा किया।
CFO ने बांधे तारीफों के पुल: ‘जरूरत पड़ी तो फिर बुलाएंगे’
विदाई समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे CFO चंद्र मोहन शर्मा ने जीतनारायण को अंगवस्त्र, रामायण, हनुमान चालीसा और प्रतीक स्वरूप छड़ी भेंट की। उनके योगदान को याद करते हुए CFO ने कहा—
“जीतनारायण जैसे समर्पित योद्धा विभाग की रीढ़ होते हैं। सेवानिवृत्ति तो एक शासकीय प्रक्रिया है, लेकिन इनका अनुभव हमारे लिए धरोहर है। हमें जब भी मार्गदर्शक की जरूरत होगी, हम इन्हें सहर्ष याद करेंगे
‘गुरु’ की विदाई पर रो पड़े साथी
केवल अधिकारी ही नहीं, बल्कि अधीनस्थ सिपाही भी अपने वरिष्ठ को विदा करते हुए खुद को रोक नहीं पाए। फायरमैन गंगाराम यादव और राम यादव ने कहा कि साहब (जीतनारायण) हमें केवल आदेश नहीं देते थे, बल्कि मैदान में एक गुरु की तरह ट्रेनिंग देते थे। उनके जाने से मेजा फायर स्टेशन ने एक कुशल मार्गदर्शक खो दिया है।
सम्मान में उमड़ा जनसैलाब
सेवानिवृत्ति की खबर मिलते ही केंद्र पर जीतनारायण के चाहने वालों का तांता लगा रहा। विदाई के अंतिम पलों में पूरा वातावरण ‘जीतनारायण अमर रहे’ और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामनाओं से गुंजायमान रहा। सभी ने एक स्वर में कहा— “साहब, आप जहाँ भी रहें, स्वस्थ और मस्त रहें।”