बरेली । फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में तैनात बेसिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक पर ड्यूटी से गायब रहकर सर्राफा दुकान चलाने और मंदिर की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में सनातन धर्म वैश्य सभा व ठाकुरद्वारा मंदिर कमेटी ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार सनातन धर्म वैश्य सभा ठाकुरद्वारा मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि साहूकारा फतेहगंज पश्चिमी निवासी अंशुल अग्रवाल पुत्र प्रहलाद अग्रवाल, जो बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं, उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से वर्षों से प्राथमिक विद्यालय प्रथम फतेहगंज पश्चिमी में ही तैनाती कराई हुई है।
कमेटी का आरोप है कि अंशुल अग्रवाल सरकारी शिक्षक होने के बावजूद विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते और अधिकतर समय कस्बे में स्थित सनातन धर्म वैश्य सभा ठाकुरद्वारा मंदिर की जर्जर दुकानों पर कब्जा कर सर्राफा दुकान का संचालन करते हैं।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि संस्था द्वारा पहले भी मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी एन.के.एस. चौहान ने जिलाधिकारी बरेली को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
कमेटी का आरोप है कि शिक्षक अंशुल अग्रवाल अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही अपने सरकारी पद का दुरुपयोग कर अधिकारियों को गुमराह करते हुए मंदिर की संपत्ति को विवादित बताकर न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराकर कब्जा बनाए रखना चाहते हैं।
कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय में लंबित विवाद का हवाला देकर प्रशासन को भ्रमित किया जा रहा है, ताकि मंदिर की संपत्ति पर लंबे समय तक कब्जा बनाए रखा जा सके। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए संबंधित शिक्षक का बरेली मंडल से किसी अन्य मंडल में स्थानांतरण किया जाए और मंदिर की संपत्ति को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए।
प्रवन पाण्डेय ITN National जिला संवाददाता बरेली