सहारनपुर के ननौता से
सहारनपुर के नानौता मे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे जिन्दगी व मौत के बीच जद्दोजहद कर रहे नवजात को मुंह से सांस देकर एक महिला चिकित्सक ने उसकी जिंदगी बचाई। नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के दौरान ऐसा मामला सामने आया, जिसमे महिला चिकित्सक के कार्य की प्रशंसा की जा रही है। नगर के गंगोह रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के बाद एक नवजात शिशु जिंदगी की जद्दोजहद कर रहा था। महिला चिकित्सक ने अपनी कोशिशें तब तक जारी रखीं जब तक नवजात के रोने की किलकारी अस्पताल में नहीं सुनाई दी। महिला डाक्टर की कोशिशों का असर ऐसा हुआ कि शिशु को नया जीवन मिला। स्टाफ द्वारा मोबाइल से बनाए गए वीडियो में डाक्टर रूमा नवजात को मुंह से सांस देने के साथ उसके सीने पर पंप करती दिखाई दे रही हैं आखिरकार वे एक मां की आंखों के सामने नवजात को जीवन देने में सफल रहीं। शिशु किलकारी मारकर रोने लगा। नवजात की सांस लौटने पर डाक्टर रूमा के चेहरे पर कोई जंग जीतने जैसी खुशी और चमक थी, प्रसूता की आंखों में खुशी के आंसू थे। घरवालों में भी खुशी छा गई। प्रसूता ने महिला चिकित्सक को शुक्रिया किया। महिला चिकित्सक की लोग प्रशंसा कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ग्राम दादनपुर निवासी आयशा पत्नी नदीम सोमवार को प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल में भर्ती हुई थी। आयशा ने नवजात शिशु को जन्म दिया लेकिन नवजात सांस नहीं ले रही थी। तभी प्रसव करा रहीं डाक्टर रूमा ने नवजात को मशीन से आक्सीजन देने का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए नवजात को अपने मुंह से लगाकर सांस देना शुरू कर दिया ओर घण्टो की मेहनत के बाद आखिरकार सफलता मिली ओर नवजात की किलकारी से वहा मौजूद सभी लोगो ने कहा कि वास्तव मे डाक्टर ही ईश्वर के दूसरा रूप होता है।महिला चिकित्सक रूमा ने बताया कि उनके लिए चुनौती भरा क्षण था, अगर नवजात को रैफर किया जाता तो सहारनपुर तक जाते समय कुछ भी हो सकता था। तभी उन्होने कोशिश शुरू कर दी ओर सफलता हासिल हुई।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़