रिपोर्टर: जाकिर झंकार आहवा
डांग जिले के आहवा तालुका के कडमाल गांव के लगभग 20 मजदूरों को महाराष्ट्र राज्य में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में पीड़ित परिवारजनों द्वारा डांग जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी गई है।
शिकायतकर्ता बालुभाई सोमन्याभाई पवार के अनुसार, आरोपी सचिन पोपट घोडसे (निवासी – खेरवाड़ी, तालुका करजत, जिला अहमदनगर) और सुनीलभाई माहार्याभाई सोनवणे (निवासी – चावडीपाड़ा, तालुका नवापुर, जिला धुले) करीब छह महीने पहले कडमाल गांव आए थे और मजदूरों को गन्ना कटाई के काम के लिए महाराष्ट्र ले जाने का प्रस्ताव दिया था।
अच्छी मजदूरी का लालच देकर गांव के कुल 20 मजदूरों और उनके परिवारजनों, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं, को करजत तालुका के खेरवाड़ी क्षेत्र में ले जाया गया था। मजदूरों ने लगातार पांच महीने तक काम किया और 10 फरवरी 2026 को काम पूरा कर लिया था।
लेकिन काम पूरा होने के बाद मजदूरों को उनकी मजदूरी देने के बजाय वहीं रोककर रखा गया। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने 6 लाख रुपये से अधिक का काम किया है, फिर भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया और उन्हें घर वापस आने नहीं दिया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने आसपास के लोगों की मदद से मजदूरों को घेर रखा है और पिछले 35 दिनों से उन्हें गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखा गया है। मजदूरों को खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं दी जा रही है और बाहर निकलने की कोशिश करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
इस घटना के कारण मजदूरों के परिजनों में भारी चिंता और भय का माहौल है। विशेष रूप से छोटे बच्चों की स्थिति को लेकर परिवारजन अत्यंत परेशान हैं।
शिकायतकर्ता ने जिला पुलिस से तत्काल कार्रवाई कर सभी मजदूरों को सुरक्षित मुक्त कराने और उनकी बकाया मजदूरी लगभग 6 लाख रुपये दिलाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन द्वारा शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।