फतेहगंज पश्चिमी, बरेली। चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ पर कस्बे का प्राचीन मां बगिया वाली काली मंदिर भक्ति और आस्था के दिव्य प्रकाश से जगमगा उठा। प्रथम नवरात्रि के अवसर पर गुरुवार को ज्वाला देवी धाम से लाई गई पावन जोत की विधि-विधान से स्थापना की गई, जिसके साक्षी बनने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर परिसर में उमड़ पड़े।
सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा और पूरा क्षेत्र भक्तिमय रंग में रंग गया। ज्वाला देवी से जोत लाने के लिए बीते रविवार को पुजारी कृष्ण पाल गुरु जी के नेतृत्व में सोनू ठाकुर, मनोज सैनी, पवन सैनी, उमंग ठाकुर, अनूप गंगवार, अर्पित सैनी और कल्लू सहित कई श्रद्धालु विशेष यात्रा पर गए थे। गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जोत की स्थापना कर मां का आह्वान किया गया। वहीं श्रद्धालु शंकर लाल गुप्ता ने भी अन्य भक्तों के साथ मिलकर एक और पावन जोत स्थापित कर श्रद्धा अर्पित की।
मोहल्ला माली स्थित यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र का सिद्ध पीठ माना जाता है। यहां की विशेषता यह है कि भक्त माता रानी के बेहद निकट जाकर दर्शन और स्पर्श कर सकते हैं, जिससे उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त होती है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है और माता रानी अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करतीं।
नवरात्रि के पहले दिन घर-घर में कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा आरंभ हुई। मंदिर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है, जहां सुबह 8 बजे और शाम 5 बजे विशेष आरती का आयोजन होता है। दोपहर में महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब जाता है।
नवरात्रि के इस पावन पर्व पर बगिया वाली काली मंदिर एक बार फिर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का केंद्र बन गया है, जहां हर कोई मां के दर पर अपनी आस्था का दीप जलाने पहुंच रहा है।
प्रवन पाण्डेय ITN National जिला संवाददाता बरेली