*डिंडौरी कमीशनखोरी के फेर में फंसी ‘मां नर्मदा’: भ्रष्ट ठेकेदार ने आस्था के केंद्र में भी कर दिया खेला, जानिए क्या है पूरा मामला*

कमीशनखोरी के फेर में फंसी ‘मां नर्मदा’ पढ़कर थोड़ा अजीब जरूर लग रहा है। जी हां! आम तो आम लोग मां नर्मदा भी भ्रष्टाचारियों के कमीशनखोरी के फेर में फंस गई है।
दरअसल डिंडोरी नगर की बहु प्रतिक्षित सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। मां नर्मदा प्रवेश द्वार से लेकर नर्मदा घाट तक लोग कई सालों से सड़क बनाने की मांग कर रहे थे। सालों बाद उनकी मांग पूरी भी हुई।
लेकिन भ्रष्ट ठेकेदार ने आस्था का केंद्र मां नर्मदा के साथ भी खेला कर दिया। ठेकेदार ने इतना घटिया सड़क बनाया कि दो दिन के अंदर ही सड़क उखड़ गई।
दो दिन में सड़क की हालत देख वार्ड वासियों ने रविवार सुबह आपत्ति दर्ज कराते हुए विरोध किया है। वहीं नगर की रेडी टू हेल्प टीम भी सड़क की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया में कैंपेन चला रही है।
वार्डवासियों के विरोध की जानकारी लगते ही नगर परिषद के अध्यक्ष पंकज सिंह टेकाम और प्रभारी सीएमओ चंद्र मोहन गरमे अपनी टीम के साथ पहुंचे। वार्डवासियों ने CMO को भ्रस्टचार की सड़क दिखाकर बोलती बंद कर दी।
पंकज सिंह टेकाम ने भी सड़क की गुणवत्ता देखी। पंकज सिंह टेकाम ने इसके बाद दोषिय़ों पर कार्रवाई करने की बात कही।
*सड़क बनाने पर खर्च हुए 15 लाख रुपए*
वही वार्डवासियों ने नई सुंदर सड़क को हाथों में लेकर गुणवत्ता की कलई खोल के रख दी। यह सड़क लगभग 15 लाख रुपए की लागत आई है। कमीशन खोरी की भेंट चढ़ी इस सड़क की जांच को लेकर रेडी टू हेल्प टीम के सदस्य अविनाश सिंह सैनी ने नगर परिषद के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाया है
और जांच की मांग की है। अब देखना होगा नगर परिषद इसमें क्या कार्रवाई करता है।
इंडियन टीवी न्यूज़ संवाददाता मो0 सफर ज़िला डिंडोरी मध्य प्रदेश
