सहारनपुर। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य परीक्षण और पंजीकरण की प्रक्रिया के दौरान श्रद्धालुओं ने चिकित्सकों पर मानसिक और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यात्रा पर जाने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण के साथ पंजीकरण अनिवार्य है, जिसके लिए जिला चिकित्सालय में एक चिकित्सक की ड्यूटी निर्धारित की गई है। लेकिन अधिकांश समय चिकित्सक अपनी सीट पर मौजूद नहीं रहते, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। आरोप है कि जिन श्रद्धालुओं के पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद होते हैं, उन्हें भी बार-बार नए कागजों के नाम पर उलझाया जाता है। वहीं, यदि कोई व्यक्ति सुविधा शुल्क देता है तो उसका पंजीकरण तुरंत कर दिया जाता है। इस कथित भ्रष्टाचार के कारण श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। श्रद्धालुओं ने बताया कि पंजीकरण की अंतिम तिथि 14 अप्रैल निर्धारित है, लेकिन चिकित्सकों की अनुपस्थिति और अव्यवस्थित व्यवस्था के चलते समय पर प्रक्रिया पूरी कर पाना मुश्किल हो रहा है। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उच्च अधिकारी इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाया जाए, दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा समय रहते उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़